Friday, December 31, 2010

सोचा की मर जाते हैं...

बेटों के आगे कुछ न कर सका तो सोचा की मर जाते हैं...
घर नहीं
यह कब्र तो अपने महबूब के नाम कर जाते हैं...
*
दीये की तरह जलता रहा उम्र भर
जब सवेरा हुआ तो सोचा की अब भुझ जाते है...
*
मुस्कुराया इतना की सब उसकी मुस्कराहट के कायल हो गए
जाते-जाते सोचा की साथ आँखों में आंसू दे जाते है...
*
क्या नहीं था उसके पास इस जहाँ में
दोस्त था 
प्यार था
ऐशो आराम था
बस एक रब नहीं था
सोचा की चलो उससे मिलने जाते है...

#रोमिल

Thursday, December 30, 2010

उसके इत्र की खुशबू आती रही रात भर

उसके इत्र की खुशबू आती रही रात भर
यह सर्द हवा भी कहीं दूर से उसका संदेशा लाती रही रात भर...
*
मैं चादरों में लिपटा रहा रात भर
बदन को उसकी तस्वीरों से रगड़ता रहा रात भर...
*
उसके हंसी के फूलों की महक मैं लेता रहा रात भर
ख़्वाबों के महल में मदहोश रहा मैं रात भर..
*
चांदनी रात, सितारों का आलम आसमा में रहा रात भर
मेरे बिस्तर पर भी कोई परी बैठी रही रात भर...

#रोमिल

Wednesday, December 29, 2010

सुनो... सनम...

सुनो... सनम...

अगर दर्द-ए-दिल बढ़ाना हैं तुमको
सनम, कभी हमको भीड़ में पुकार लेना...
*
जो रहना चाहती हो रात भर दूर नींद से
सनम, एक बार हमसे नज़रे मिला लेना...
*
अगर लगाना चाहती हो पाक-ए-रूह में आग
सनम, दो क़दम बढ़कर हमको गले लगा लेना...
*
जो रहना चाहती हो उम्र भर नाशे के खुमार में
सनम, अपने होंठ को मेरे होंठ से लगा लेना...

#रोमिल

Bas Aise Hi...

भगवान भी गोरे-काले में फर्क करते हैं...
सुना हैं...
काले कुत्ते को रोटी खिलाओ तो जल्दी सुनते हैं...
*
धार्मिक किताबों के पन्ने पलटते रहे
मगर कहीं यह न मिला
इसे बिस्तर पर बैठकर पढ़ने से ज्ञान नहीं मिलता...
*
मैंने कभी किसी जानवर को धर्म पर चलते नहीं देखा
न जाने क्यों इनको 
इंसान धर्म में बांट देता हैं...
*
कहीं मूर्ति के लिए विशाल मंदिर बनवाया जाता हैं
कही कोई मूर्ति को पेड़ के नीचे अपमानित होने को छोड़ आता हैं...

#रोमिल

Tuesday, December 28, 2010

सनम, हम तो आज भी सिर्फ तुमसे मोहब्बत करते हैं...

तुमसे ज्यादा हम गिला अपने नसीब से करते हैं
बेवफा हुई तो क्या हुआ
सनम, हम तो आज भी सिर्फ तुमसे मोहब्बत करते हैं...
*
ज़िन्दगी-ए-सफ़र मुश्किल हैं 
फिर भी जी रहे हैं तेरी याद में
तेरी याद में सफ़र हम करते हैं
सनम, हम तो आज भी सिर्फ तुमसे मोहब्बत करते हैं...
*
यही दिल-ए-बर्बाद की उम्मीद थी
कि तेरा दीदार हो जाये
इसी ख्याल-ए-सफ़र में हम चाँद को निहारा करते हैं
सनम, हम तो आज भी सिर्फ तुमसे मोहब्बत करते हैं...
*
लौट आओगे किसी दिन तुम भी मेरे पास
इसी ख़यालात में हम घर के दरवाज़े खुले रखते हैं
सनम, हम तो आज भी सिर्फ तुमसे मोहब्बत करते हैं...

#रोमिल

Monday, December 27, 2010

लुफ्त भी क्या सर्दियों के हुआ करते थे - III

लुफ्त भी क्या सर्दियों के हुआ करते थे - III
*
लुफ्त भी क्या सर्दियों के हुआ करते थे
जलती हुई आग में हम आलू भुना करते थे
गरम-गरम रसगुल्ला जब हम जुबान में रखकर सु-सु करके चिल्लाते थे
जब नया स्वेटर पहनकर हम इतराते थे
क्लास से निकलकर हम बाहर ग्राउंड में बैठकर पढ़ा करते थे...
लुफ्त भी क्या सर्दियों के हुआ करते थे...

#रोमिल

Saturday, December 18, 2010

KUCH DIL SE...

Tum jaise logon ne isse KHEL bana rakha hai 
rooh ke rishte ko JISM ka libhas pehna rakha hai 
HAAR-JEET ki baatein woh log karte hai, 
jinhone MOHABBAT KO VYAPAR bana rakha hai... 

तुम जैसे लोगों ने इसे खेल बना रखा है 
रूह के रिश्ते को ज़िस्म का लिबास बना रखा है 
हार-जीत की बातें वो लोग करते हैं, 
जिन्होंने मोहब्बत को व्यापार बना रखा है...
-------
Chalo saath mein sulagte hai 
ek hi lau mein jal kar marte hai 
apne khilaf to faisala sab sunate hai 
kuch faisale humtum mil kar karte hai...

चलो साथ में सुलगते हैं 
एक ही लौ में जलकर मरते हैं 
अपने खिलाफ तो फैसला सब सुनाते हैं 
कुछ फैसला हमतुम मिलकर करते हैं...
-------
Tera khawabon mein aane wala bhi kitna haseen hoga
Yahaan to log nazaron ke samne rahe 
Tab bhi dil mein nahi utar pate...

तेरे ख्वाबों में आने वाला भी कितना हसीन होगा 
यहां तो लोग नजरों के सामने रहे 
तब भी दिल में नहीं उतर पाते...
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Mere aansoo ki kahani samajh lete ho tum, 
Mere lab mein chupe shabd pad lete ho tum, 
Magar thode nadan ho tum 
Mere dil mein likha apna naam nahi pad sakte ho tum...

मेरे आंसू की कहानी समझ लेते हो तुम 
मेरे लब में छुपे शब्द पढ़ लेते हो तुम 
मगर थोड़े नादान हो तुम 
मेरे दिल में लिखा अपना नाम नहीं पढ़ सकते हो तुम... 

#Romil
#रोमिल

तुम

जब मैं घर की उलझनों में उलझा हुआ हूँ तो
तुम ख़ुशी का पैगाम बनना...

जब मैं धूप से लिपटा हुआ हूँ तो 
तुम घनी हुई शाम बनना...

जब मैं ज़िन्दगी की भाग-दौड़ में थका हुआ हूँ तो 
तुम मेरा सहारा बनना...

जब मैं अन्धकार में खोया हुआ हूँ तो
तुम मेरा प्रकाश बनना...

जब मैं हालातों के बादलों में छुपा हुआ हूँ तो 
तुम मैं बनना...

#रोमिल

Friday, December 17, 2010

एक सजा और रोमिल को दी जाये

एक सजा और रोमिल को दी जाये
उसको अपने होंठों की हंसी सुना दी जाये...
*
थोडा सा और रोमिल को गुस्सा दिलाया जाये
एक झूठ भरा मोहब्बत का ख़त और उसको लिखा जाये...
*
एक और ताज़ा सितम उस पर किया जाये
भरे फोरम में उसको जलील करवाया जाये...
*
चलो उसके ज़ख्मो को कुरेद दिया जाये 
पहले आग लगायी जाये फिर भुझा दी जाये...

#रोमिल

लुफ्त भी क्या सर्दियों के हुआ करते थे - II

 लुफ्त भी क्या सर्दियों के हुआ करते थे - II   
*
 लुफ्त भी क्या सर्दियों के हुआ करते थे
मक्के कि रोटी संग सरसों का साग खाते थे
आग को तापते हुए जब गज़क, रबड़ी का आनंद लेते थे
रजाई में बैठकर जब मूंगफली और गुड खाते थे
गरम-गरम गज़र का हलवा जब सबसे छुपा के भागते थे
लुफ्त भी क्या सर्दियों के हुआ करते थे...

#रोमिल

यकीन

दिल कहता हैं यह वही हैं रोमिल
फिर भी यकीन नहीं होता हैं 
कोई कैसे मौत के बाद 
वापस आ जाता हैं...
*
चलो रोमिल एक पल के लिए मान लेते हैं यह वही हैं
फिर भी यकीन नहीं होता हैं
कोई कैसे तेरे रोने के बाद
तेरे आंसू पोछने नहीं आता हैं...
शायद हर अपना ऐसा होता है... 

#रोमिल

Thursday, December 16, 2010

दौर चल रहा है...

ज़िन्दगी का सफ़र उदास चल रहा है
ख़त नहीं आते उसके
ना जाने कैसा बेरुखी का दौर चल रहा है...
*
काश वो ख़त में एक गुलाब रख देता
अपना प्यारा लब साथ रख देता
ख्वाइश के कत्ल का दौर चल रहा है...
*
काश खुदा मुझे सजा सुना दे मोहब्बत की
मुझे रूबरू कर दे मेरे कातिल के
बस यही आज कल दुआ का दौर चल रहा है...

#रोमिल

जरुर तेरी नज़रों में गिरफ्तार होगा

जरुर तेरी नज़रों में गिरफ्तार होगा
तभी तो तेरी गलियों में घुमता फिर रहा होगा...
*
क्यों पूछते हो उससे उसका ठिकाना - 2
उसके घर के पास ही यही-कही पड़ा होगा...
*
कभी जो तरस खाओ तो पूछ लेना उससे उसका हाल भी
जो शख्स तेरे दो शब्द सुनने के लिए तरस रहा होगा...
*
खुदा गवाह है उसकी मोहब्बत का "रोमिल"
जो शख्स तेरी निगाह में बेवफा होगा...

#रोमिल

Wednesday, December 15, 2010

वो ना अब आने वाला...

बीता हुआ साल फिर ना आने वाला
मोहब्बतों वाला साल फिर ना आने वाला
मैं करता रहूँगा उसका इंतज़ार उमरभर 
जो गया था मुझे छोड़ कर वक़्त वो ना अब आने वाला...
*
खुशियों के नए फ़साने मिलते रहेंगे
लोग, हसीन सुहाने मिलते रहेंगे
जिसे याद कर आ जाती थी रूह में रवानी
दिलकश-दिलरुबा वो ना अब आने वाला...
*
पढ़ते-पढ़ते होठों पर मुस्कान आ जाती थी
कभी-कभी नज़रो में नीर बह जाती थी
जिसे सो जाते थे सीने से लगा कर 
ख़त वो ना अब आने वाला...
*
जब किसी से बात करने के लिए जागते थे
जब किसी की यादों में हम सोते थे
दुआ जिसके लिए रब से हर पल करते थे
वो अब ना आने वाला...

#रोमिल

अब यह तबियत हैं की सुधारने का नाम नहीं लेती

अब यह तबियत हैं की सुधारने का नाम नहीं लेती
तू इतने दिल के करीब रहती हैं
फिर भी करीब नहीं रहती...
*
हम चिरागों को जलाते रहते हैं, भुजाते रहते हैं रात भर 
इतनी लम्बी रात हैं 
की सुबह साथ नहीं रहती...
*
इस क़दर आसान ना होगा तेरे साथ दोस्ती का सफ़र
तू मेरी दोस्त हैं
फिर भी अपने बीच दोस्ती नहीं रहती...
*
बस कुछ दिन और बिताऊँ फिर चला जाऊँगा इस शहर से
मोहब्बत तो हैं तुझसे 
मगर इबादत साथ नहीं रहती...

#रोमिल

Tuesday, December 14, 2010

इश्क जिनसे करते है तो उम्र भर निभा लेते है...

हम गरीबी में भी मुहब्बत का मज़ा ले लेते है
इश्क़ जिनसे करते है तो उम्र भर निभा लेते है...
*
छत से टपकता रहता है पानी सारी रात
किसी कोने में बैठकर हम
एक दूसरे की बाहों में नींदे ले लेते हैं...
इश्क़ जिनसे करते है तो उम्र भर निभा लेते है...
*
एक कमरा
एक रजाई
एक कटोरी
एक चम्मच
एक प्लेट में जीवन बिता देते है

इश्क़ जिनसे करते है तो उम्र भर निभा लेते है...
*
टीवी, रेडियो ना पास हो तो
खुद ही बजा,
खुद ही गुनगुना लेते है
इश्क़ जिनसे करते है तो उम्र भर निभा लेते है...
*
अपने आँचल में हो चाहे कितने भी ग़म
हमसफ़र के होंठों पर मुस्कान सजा देते है
इश्क़ जिनसे करते है तो उम्र भर निभा लेते है...

#रोमिल

लुफ्त भी क्या सर्दिओं के हुआ करते थे

लुफ्त भी क्या सर्दिओं के हुआ करते थे
हम भी जब इश्क उनसे किया करते थे... - २ 
*
छत पर बैठे-बैठे धूप का सेकना
आँखों से उनको देर तक निहारना
अंखियो के पेंच खूब लड़ा करते थे
लुफ्त भी क्या सर्दिओं के हुआ करते थे
हम भी जब इश्क उनसे किया करते थे... - २ 
*
माँ का वो प्यार से सर पर नारियल का तेल लगाना
स्वेटर, रजाई को घर कि मुंडेरी पर डालना
गद्दा बिछा कर जब हम 
ताश, सांप-सीडी, कैरम खेला करते थे
लुफ्त भी क्या सर्दिओं के हुआ करते थे
हम भी जब इश्क उनसे किया करते थे... - २
*
शाल में लिपटे हुए
उनका बाजू को छूते हुए निकल जाना
जब हम सड़क के नुक्कड़ पर खड़े चाय पिया करते थे
धूप निकलते हुए उनके कमरे कि खिड़की का खुल जाना
शुक्रिया हम सूरज का किया करते थे
लुफ्त भी क्या सर्दिओं के हुआ करते थे
हम भी जब इश्क उनसे किया करते थे... - २
*
लुफ्त भी क्या सर्दिओं के हुआ करते थे
हम भी जब इश्क उनसे किया करते थे... - २

#रोमिल

Monday, December 13, 2010

तुझे देखकर नशा आ जाता है....

तुझे देखकर नशा आ जाता है
यह धरती 
यह अम्बर
झूम सा जाता है....
तुझे देखकर नशा आ जाता है...
*
बारिश भी मस्त होकर बरसने लगती है
सूखी नदी पर भी जवानी का रंग का जाता है
तुझे देखकर नशा आ जाता है...
*
पहाड़ियां गुनगुनाने लगती है
फूल-पत्तियां इतराने लगती है
टूटे हुए मकान में रूप आ जाता हैं
तुझे देखकर नशा आ जाता है...
*
सोचता हूँ तुझे मंदिर में सजा लूं
इबादत का मुझमे खुमार छा जाता हैं
तुझे देखकर नशा आ जाता है...

#रोमिल

इससे अच्छा है तेरे दर से वापस लौट जाये...

तोहफा ऐसा क्यों दूं
की तमाशा बन जाये...
इससे अच्छा है तेरे दर से वापस लौट जाये...
*
है तो फूल गुलाब का
अमीरों की महफ़िल में ना इसकी खुशबू खो जाये
इससे अच्छा है तेरे दर से वापस लौट जाये...
*
हसरत तो यह थी की तेरा दीदार हो जाये
अगर चाँद थोड़ी देर सितारों से अलग नज़र आये
इंतज़ार में कहीं खड़े-खड़े ना सुबह हो जाये 
इससे अच्छा है तेरे दर से वापस लौट जाये...
*
रोमिल बुरा ना मान, ज़माना चाहे बुरा कहे
यह गुलाब चलो उसके दर पर रख आये
इससे अच्छा है तेरे दर से वापस लौट जाये...

#रोमिल

Sunday, December 12, 2010

सुनो नूर-ए-चाँद

सुनो नूर-ए-चाँद
चलो साथ सन्डे एन्जॉय करते हैं...
थोड़ी देर तक सोते हैं...
आज साथ ही नहाते हैं...
ब्रेकफास्ट को भूल जाते हैं... 
दोपहर में चलो मूवी देखने जाते हैं...
बाहर ही दोपहर का खाना खाते हैं...
शाम की चाय आज मैं ही बनाऊंगा
तुम पकौड़े बना लेना...
चलो रात का खाना साथ मिलकर बनाते हैं...
जलती हुए मोमबत्तियों के बीच एक-दूसरे को अपने हाथो से खिलाते हैं...
कमरे को आज रात फूलों से सजाते हैं...
बाहों में बाहें डालकर सोते हैं...
चलो जान सन्डे एन्जॉय करते हैं...

#रोमिल

Saturday, December 11, 2010

वो चाहने वालो में...

वो चाहने वालो में इस तरह घिरे रहते है
जैसे चाँद, सितारों से घिरा रहता हैं...
कोई उनको जाकर यह तो बताये
यह चकोर उनको दूर से निहारता रहता है...

#रोमिल

Friday, December 10, 2010

चाँद कहो तोह...

ओ नूर-ए-नज़र चाँद
चाँद आप कहो तो...
आपके कानो में झुमका पहना दूं...
चहरे पर आती हुई लट को हटा दूं...
दिल-ए-आरज़ू यह भी है 
आपको पायल पहना दूं...
गुस्ताखी तो यह भी करने को मजबूर-ए-दिल चाह रहा है 
आपके बालों में गुलाब लगा दूं...
देखो कहीं न सीडियो पर आपका पैर फिसल जाये
आपको बाहों में उठा दूं...
देखो बीत न जाये यह रात आँखों में 
आपको, अपनी गोद में सुला दूं.. 
चाँद आप कहो तो...

#रोमिल

ज़मीर ना अपना गिरने पाए...

चलो यार भूख से मर जाये
ज़मीर ना अपना गिरने पाए...
*
सर कटा दे यार शान से
किसी बेरहम के सामने सर झुकने ना पाए...
*
कटपुतली का यह कैसा बाज़ार लगा हैं
हम इंसान हैं
कटपुतली ना बन पाए...
*
शैतान की गिरफ्त से दूर रखो 
यह मुस्लिम हैं
यह हमारे भाई हैं 
यह अजमल कसाब ना बन पाए...

#रोमिल

Thursday, December 9, 2010

जैसे...

मेरे माथे पर उसका लब
सितारा हो जैसे...
मैं उसमे समाऊँ 
गुलाब में भंवरा हो जैसे... 
*
चाँद की चाँदनी
उसका आँचल हो जैसे
मैं आँखों में खो जाऊँ
सुनहेरा ख़्वाब हो जैसे...
*
उसकी करवट से जाग जाये
सूरज हो जैसे...
मैं उसके ख़्यालों में खो जाऊँ
बादल में छुपा चाँद हो जैसे...
*
उसके गेसू से उलझा रहूँ
काँटों में फंसा दुपट्टा हो जैसे...    
मैं बे-मौसम ही बरस जाऊँ
धूप में बरसात हो जैसे...

#रोमिल

इस सर्दी के मौसम में बर्फ सी होगी.

जब वो अकेली होगी
इस सर्दी के मौसम में बर्फ सी होगी.
जब मेरे एहसास से लिपटी होगी
पानी सी पिघल गए होगी...
*
चाँद को देखा होगा इतराते हुए  
घूँघट में ढक गई होगी.
तस्वीर को मेरी चुमते हुए
इंतज़ार कर रही होगी...
*
गहनों से सजी सवरी होगी
पायल भी उसकी खनक रही होगी.
जब किसी ने दरवाज़ा खटखटाया होगा
सीढ़ियों से दौड़कर उतरी होगी...
*
मुझे ना देखकर 
नज़रे नीचे की होगी
फिर वो तन्हा छत पर गई होगी
इस सर्दी के मौसम में बर्फ सी होगी.

#रोमिल

Wednesday, December 8, 2010

चलो गम की बारिश में भीग लेते है...

चलो गम की बारिश में भीग लेते है
किस्से पुराने कह लेते है..
*
हर तरफ छाए हुए है गर्दिशो के बादल
चलो कुछ पल साथ बैठ लेते है
किस्से पुराने कह लेते है..
*
नींद का हल्का - हल्का गुलाबी सा झोखा आ रहा है
चलो कुछ पल तुम्हारे आँचल में सो लेते है
लेट लेते है...
किस्से पुराने कह लेते है...
*
बेचैनी बहुत है
घबराहट भी बहुत है
आज यह ज़ंजीर तोड़ देते है
चलो कुछ पल बीते गिले शिकवे कह लेते है   
किस्से पुराने कह लेते है...
*
आदत कुछ ऐसे बनी हुई है अपनी रोमिल
जिस किसी से मिले,
रिश्ता अपना जोड़ लेते है
चलो कुछ ख़्वाबों में खो लेते है
किस्से पुराने कह लेते है...

#रोमिल

समेट लूं...

कही बह ना जाये इसमें अपना रिश्ता 
उससे मिलने से पहले 
मैं अपनी आँखों का समुन्दर समेट लूं
*
बड़ी जोर आया हैं तूफ़ान अबकी बार
कही बह ना जाऊँ, उससे पहले
यादें समेट लूं.
*
वक़्त के साथ - साथ रंग बदलते रहे अपने
उससे पहले दुश्मन हो जाये
दोस्त समेट लूं..
*
आजकल जिसे देखो खुदा बनने में लगा हैं
उससे पहले इंसान ना रह जाये
इंसान समेट लूं...

#रोमिल

Tuesday, December 7, 2010

मुमकिन नहीं दुनिया-ए-जहाँ मुझसे छीन ले

मुमकिन नहीं दुनिया-ए-जहाँ मुझसे छीन ले
तेरी याद मेरे सीने से लिपटी रहेगी...
*
वक़्त के सफ़र में हम नहीं होंगे साथ
मेरी नज़रे तेरे इंतज़ार में लिपटी रहेगी...
*
ख़त पढ़ते ही आ जाएगी होंठों पर मुस्कान
तेरी छाँव, मेरी धूप से लिपटी रहेगी...
*
कभी यूँ सुना तेरा नाम हवाओं से 
तेरी आवाज़ मेरे कानो से लिपटी रहेगी...
*
सावन के महीने में  
बारिश की बूँदें लिपटी रही डालियों से
तेरी महक मेरे जिस्म से लिपटी रहेगी...

#रोमिल

भूले हुए दिन याद आये...

भूले हुए दिन याद आये
*
सड़क के नुक्कड़ पर खड़े होकर आइसक्रीम खाने के दिन याद आये...
बहती हुए नाक को टी-शर्ट पर पोछने के दिन याद आये...
*
टॉफी ज़मीन पर गिर जाये तो सबसे नज़रे चुराकर
उसे उठाने के दिन याद आये...
*
एक रूपया में जब हम पूरा संसार खरीद लेते थे
अपने लिए खुशियाँ हज़ार खरीद लेते थे
वो मस्ती के दिन याद आये...
*
पिग्गी बैंक में जमा रूपया कितना सुकून देता था
कितनी सारी उम्मीद देता था 
वो ख्वाब,
वो सपनो के दिन याद आये...
 भूले हुए दिन याद आये...

#रोमिल

Monday, December 6, 2010

आपको देखकर एहसास होता हैं...

आपको देखकर एहसास होता हैं 
शहर में कोई अपना भी रहता हैं...
नज़रे मिलाओ या ना मिलाओ
दिल को यह खबर हैं 
आपकी नज़रों में कोई रहता हैं...
*
सोच कर बिछड़े होते तो दिल को कसक ना होती
मेरी यादों में आज भी कोई मुस्कुराता हैं 
कोई रोता हैं...

आपको देखकर एहसास होता हैं 
शहर में कोई अपना भी रहता हैं...
*
रात भर बोलते हैं मुझसे सन्नाटे
तू यहाँ करवट लेता हैं
कोई वहां करवट लेता हैं...

आपको देखकर एहसास होता हैं 
शहर में कोई अपना भी रहता हैं...
*
हमको ऐसे ना देखो सनम जाते हुए
फिर यह रास्ता 
यह कारवां ना थम जाये
कभी याद करना इस शहर को भी 
इस शहर में आज भी कोई तेरा दीवाना रहता हैं...
आपको देखकर एहसास होता हैं 
शहर में कोई अपना भी रहता हैं...

#रोमिल

Saturday, December 4, 2010

नादान-ए-दिल तुझे यह क्या हो गया है...

नादान-ए-दिल तुझे यह क्या हो गया है...
हर किसी से क्यों खफा हो गया है...
*
उसकी बेवफाई को भूल क्यों नहीं जाता
यह तो अमीर लोगों का चलन हो गया है...
*
किस-किस के खिलाफ उठाओगे तुम पत्थर
आज कल शैतान ही खुदा हो गया है...
*
किस बादशाह के दरबार में करोगे फरियाद
सियासत भी चंद लोगों की कटपुतली हो गया है...
दौलत से क्या नहीं होता आज के ज़माने में रोमिल
इन्सान तो बस मिट्टी का खिलौना हो गया है...

#रोमिल

Friday, December 3, 2010

सफ़र जारी हैं अब तक...

तेरी मेहंदी का नशा जारी हैं अब तक
मैं शराबी हूँ तेरा अब तक...
*
तेरी चूडियो की खनक मेरी नींद उड़ाई हुई हैं अब तक
मेरे ख़्वाबों का महल जारी हैं अब तक...
*
यूँ ही तुझे साड़ी में लिपटा देखता हूँ अब तक
मैं तेरा दीवाना हूँ अब तक...
*
किससे पुछू तेरा नाम-ओ-पता
तेरी तलाश का सफ़र जारी हैं अब तक...

#रोमिल

Thursday, December 2, 2010

हॉट n स्वीट COMBINATION कैसे...

माँ - डैड
यह हॉट n स्वीट COMBINATION कैसे?
डैड आप ATOM BOMB
और माँ आप COCONUT...
===
ओह माँ - डैड
यह लव कैसे हुआ हमको भी तो कुछ बताओ...
कैसे मिले नैन
कैसे जुड़े दिल
हमको भी तो कुछ बताओ...
===
कैसे शुरू हुई प्यार की कहानी
कैसे मिलना हुआ
ओह माँ - डैड   
यह लव कैसे हुआ हमको भी तो कुछ बताओ...
कैसे मिले नैन
कैसे जुड़े दिल
हमको भी तो कुछ बताओ...
===
अब यह ना पूछो यह कब हुआ
जाने भी दो तुम मेरी प्यारी
===
डैड आप हो हॉट 
माँ हैं स्वीट 
कैसे यह COMBINATION हुआ
===
एक तरफ ATOM BOMB
एक तरफ COCONUT
कैसे यह COMBINATION हुआ
===
अब यह पूछो यह कब हुआ
जाने भी दो तुम मेरी प्यारी

#रोमिल

Wednesday, December 1, 2010

वो पेड़ बूढा है फिर भी घना रहता है...

उम्र के आखिरी पलों में जब हम-तुम और सिर्फ यादें होंगी...
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यादों का घर कितना सुहाना लगता है
वो पेड़ बूढा है फिर भी घना रहता है...
*
वक़्त के पाँव कब रुकते है
चहरे बदल जाते है
तस्वीरों से रिश्ता जुड़ा रहता है
वो पेड़ बूढा है फिर भी घना रहता है...
*
आँख तो भर आती है पानी से
होंठो पर कमल सा खिला रहता है
वो पेड़ बूढा है फिर भी घना रहता है...
*
गाँठ बंधी जो रिश्तों की
टूटे न टूटी
जीवन का पहिया इस पर ही चलता रहता है
वो पेड़ बूढा है फिर भी घना रहता है...
*
वो मेरा ख्याल रखती है
मैं उसका ख्याल रखता हूँ
बस यूं ही अपना इश्क चलते रहता है
वो पेड़ बूढा है फिर भी घना रहता है...
जिस्म का साथ छूटा 
बुढ़ापे का हाथ थामा  
दिल से जुडा हर फ़साना रहता है...
वो पेड़ बूढा है फिर भी घना रहता है...

#रोमिल

मुझे इजाज़त दो...

मैं तुमको प्यार करूँ
मुझे इजाज़त दे दो...
मैं तुम पर जान निसार करूँ
मुझे इजाज़त दे दो...
सजाऊँ तुम्हारे लिए जश्न-ए-जहाँ
मुझे इजाज़त दे दो...
ओह मेरी जान-ए-वफ़ा
तेरा ख्याल करूँ
मुझे इजाज़त दे दो...
पूछते है लोग मुझसे तेरा नाम-ए-पता
पुकार सकूँ मैं तुम्हे अपना
मुझे इजाज़त दे दो...

#रोमिल