Monday, November 15, 2010

नाज़ उसका नाम रखूँगा...

न नूरी, न परी नाम रखूँगा, 
ग़र होगी मेरी बेटी, 
नाज़ उसका नाम रखूँगा...

#रोमिल

aaj mujhe fever hai!

aaj mujhe fever hai!
haan...haan...
aaj mujhe fever hai!
haan...
aaj mujhe fever hai!
ho ho...ho ho....
aaj mujhe fever hai!
~*~
doctor nahi mila tha mujhe
chemist se maine li hai daava
03 din ki meethi-meethi goli usne di mujhe
cold cheezhe se durr rehna hai mujhe
yahoo...yahoo... ho...ho...
aaj mujhe fever hai!
~*~
aaj mujhe fever hai!
haan...
aaj mujhe fever hai!
ho ho...ho ho....
yahooooooooooooooooooooooooo
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Saturday, November 13, 2010

अंदाज़

यूं ही मुस्कुराते हुए मिल जाना
सनम तुम्हारा हैं अंदाज़ पुराना
यूं ही मुस्कुराते हुए मिल जाना...
*
दिल के फूलों को यूं ना खिलाओ तुम ज़रा
गैर के संग यूं ना मुस्कुराओ तुम ज़रा
कर ना दे हुस्न वालों को तेरा अंदाज़ दीवाना
यूं ही मुस्कुराते हुए मिल जाना
सनम तुम्हारा हैं अंदाज़ पुराना
*
दिल की खता कहे
या आँखों को गुनेहगार कहे
लाखों में चुना जो तेरा अंदाज़ निराला
यूं ही मुस्कुराते हुए मिल जाना
सनम तुम्हारा हैं अंदाज़ पुराना
*
छोड़ के तुम भी चले गए
किस्मत की तरह
हमको महबूब का पसंद आया अंदाज़ सुहाना
यूं ही मुस्कुराते हुए मिल जाना
सनम तुम्हारा हैं अंदाज़ पुराना

#रोमिल

Friday, November 12, 2010

दो क़दम साथ चले थे की मोड़ आ गया

दो क़दम साथ चले थे की मोड़ आ गया
मुहब्बत का कोई हमको
सबक सीखा गया...
दो क़दम साथ चले थे की मोड़ आ गया
मुहब्बत का कोई हमको
सबक सीखा गया...
*
यह सच है
यह सच है
हाँ यह सच है
मुझे उनसे शिकवे है हजारो
यह सच है मुझे उनसे शिकवे है हजारो
पर ना जाने क्यों यह क़दम उनकी चौखट पे आ गया...
दो क़दम साथ चले थे की मोड़ आ गया...
*
अर्ज़ है...
"अभी बरसात को रोक ले ए मेरे जान-ए-खुदा
मेरा महबूब अभी कही रास्ते में होगा"
*
दो क़दम साथ चले थे की मोड़ आ गया....
ना वो रंग अब दोस्ती का, ना वो रंजिश रही
जा जाने कौन सा मौसम आ गया...
दो क़दम साथ चले थे की मोड़ आ गया....
*
उसकी यादों के ज़ख्म अब भरने ही लगे थे
उसकी यादों के ज़ख्म अब भरने ही लगे थे
बेवफा वो किसी गैर के साथ फिर नज़र आ गया...
दो क़दम साथ चले थे की मोड़ आ गया....
*
सोचा था अब ना करेंगे किसी से मुहब्बत रोमिल
सोचा था अब ना करेंगे किसी से मुहब्बत रोमिल
ना जाने क्यूँ फिर यह दिल किसी पर आ गया...
दो क़दम साथ चले थे की मोड़ आ गया
मुहब्बत का कोई हमको
सबक सीखा गया...
दो क़दम साथ चले थे की मोड़ आ गया
मुहब्बत का कोई हमको
सबक सीखा गया...

#रोमिल

kuch shabd..

khoon ka rishta
doston ka saath bhool gaye
hum mohabbat ke siva
har baat bhool gaye...

__________
mera saath chahta hai toh humsafar mera saath de
is qadar
is qadar
is qadar
qadam qadam par
MUJHE DAAGA NA DE...
KAM SE KAM
DAAGA NA DE...

#Romil

खून का रिश्ता
दोस्तों का साथ भूल गये 
हम मुहब्बत के सिवा
हर बात भूल गये...

मेरा साथ चाहता है तो हमसफ़र
मेरा साथ दे
इस क़द्र
इस कद्र
इस कद्र
क़दम क़दम पर
मुझे दगा ना दें...
कम से कम
दगा ना दे...

#रोमिल

Thursday, November 11, 2010

अब आता ही नहीं...

बीमार ए दिल पर कोई दुआ, कोई दवा असर करती ही नहीं
बेवफा एक बार जो गया था
अब आता ही नहीं...
*
दिल ए खून से ख़त लिखूं
या खुदा का वास्ता दे दूं
बेवफा का कोई जवाब
अब आता ही नहीं...
*
देखो कितना सुनसान सा लग रहा हैं बसंत का मौसम
देखो कितना सुनसान सा लग रहा हैं बसंत का मौसम
जो पंछी उड़ गया हैं
अब आता ही नहीं..
*
हर तरफ फैली हुई ख़ामोशी हैं यारों
साया भी अपना, अपने करीब
अब आता ही नहीं...

#रोमिल

Wednesday, November 10, 2010

फिर भी यह एहसास होता हैं

उसके होंठों पर मेरे सिवा किसी का नाम ना था
फिर भी यह एहसास होता हैं की वो मुझसे बेवफाई कर रही हैं...
*
कदमों के तले उसके कुछ ना था
फिर भी यह एहसास होता हैं की वो मेरा दिल मसल रही हैं...
*
ना वो थी, ना उसका साया था
फिर भी यह एहसास होता हैं की वो मुझे देख रही हैं...
*
ना जिस्म पर उसके होंठों के निशान, ना खुशबू थी
फिर भी यह एहसास होता हैं की वो मुझसे लिपट रही हैं...

#रोमिल