Saturday, January 22, 2011

जब - जब मैं बेईमानी की गली से गुज़रा

जब - जब मैं बेईमानी की गली से गुज़रा
खुदा क़सम मैं तब - तब अपनी कब्र से गुज़रा...
*
न कोई गवाह था मेरे खिलाफ
न कोई सबूत था मेरे खिलाफ  
फिर भी सबने मुझे कातिल समझा
जब - जब मैं लाश के बगल से गुज़रा...
*
अब किस बात का जश्न मनाते हो, मेरे दुश्मनों
मैं तो सूली पर चढ़कर भी शहीद निकला...
*
जो फिरता हैं बनकर मसीहा
वो ही मेरी बर्बादी का गुनेहगार निकला...

#रोमिल

Friday, January 21, 2011

मैं तो ब्लॉग बनाना सीखूंगी....

Aaiya...

मैं तो ब्लॉग बनाना सीखूंगी
मैं तो ब्लॉग बनाना सीखूंगी
ट्विट्टर पर मैं सबको TWIT करना सीखूंगी
ब्लॉगर पर पोस्ट करना सीखूंगी
मैं तो ब्लॉग बनाना सीखूंगी - २
*
अमिताभ के ब्लॉग को मैं करुँगी फॉलो
शाहरुख़ को भेजूंगी गुड़ मोर्निंग हैलो
मैं तो ब्लॉग बनाना सीखूंगी - २
*
कटरीना से लूंगी फिटनेस का फ़ॉर्मूला
प्रियंका से जानूंगी फैशन के टिप्स
शाहिद से जानूंगी उसकी शादी की डेट
बॉयफ्रेंड को भेजूंगी होंठो के किस
मैं तो ब्लॉग बनाना सीखूंगी - २
*
पॉलिटिक्स में, मैं भी इंटेरेस्ट लूंगी
बॉलीवुड मूवी का मैं भी रिव्यू लिखूंगी
करप्शन पर मैं भी खूब बोलूंगी
फेसबुक पर मैं भी ग्रुप बनाउंगी
मैं तो ब्लॉग बनाना सीखूंगी - २

#रोमिल

Thursday, January 20, 2011

तुझसे मिलने की बेक़रारी हैं...

तुझसे मिलने की बेक़रारी हैं
दिन तो कट गया
अब रात की बारी हैं...
*
मोहब्बत का भी कैसा खेल हैं अजीब
जीत के भी हमने हर बाज़ी हारी हैं...
*
हमको नज़रे मार कर वो कहते हैं
यह ख़ता हमारी नहीं
नज़रों की बीमारी हैं..
*
कल उनको देखा था किसी अजनबी के साथ 
बाँहों में बाँहें डाले हुए
वो कहते हैं
शक़ करने की आदत तुम्हारी पुरानी हैं...

#रोमिल

Wednesday, January 19, 2011

कुछ फूल, पैरों से भी मसले जाते हैं...

औरत पर जुर्म करके मर्द कहलाते हैं
कुछ फूल, पैरों से भी मसले जाते हैं...
*
मोहब्बत करना तो आज कल का सिर्फ फैशन हैं
फिर पता नहीं लोग क्यों ताजमहल देखने जाते हैं...
*
दौलत की हवस ने इंसान को शैतान बना दिया हैं
फिर ना जाने इंसान क्यों भगवान को पूजने जाते हैं...
*
कल अखबार में पढ़ा था "रोमिल"
एक बाप ने अपनी बेटी को बे-आबरू किया
फिर ना जाने माँ-बाप क्यों भगवान कहलाते है...

#रोमिल

Tuesday, January 18, 2011

जाने कैसे बाबा हैं यह...

नींबू और मिर्च में भूत-प्रेत बाँध लेते हैं
जाने कैसे बाबा हैं यह
सोने को दुगना कर देते हैं...
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झाड़ू मार-मार कर बीमारी भगा देते हैं
जाने कैसे बाबा हैं यह
अंगूठीयों से तकदीर सवार देते हैं...
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रूपया के दम पर भगवान् को मना लेते हैं
जाने कैसे बाबा हैं यह
बुरे कर्मो को भी सुधार देते हैं...

#रोमिल

Monday, January 17, 2011

जाने कैसा फैसला हो गया

जाने कैसा फैसला हो गया
की दोनों के बीच फासला हो गया...
*
जिसकी सर की कसमे खाते थे दोनों
वही आज एक-दूसरे के लिए दुश्मन हो गया...
*
खुदा जाने कैसी हवा चली है यह
महबूब ही महबूब का कातिल हो गया...
*
रोती आँखों से सुनाया था उस लड़की ने अपना दर्द
अखबार के लिए खबर, 
दुनिया के लिए तमाशा हो गया...

#रोमिल

Sunday, January 16, 2011

रिश्तों में तो दरार आनी ही थी...

रिश्तों में तो दरार आनी ही थी
रूठकर मुझसे किस्मत जानी ही थी...

माँ न रही माँ
भाई न रहा भाई
हमसफ़र भी साथ छोड़कर मेरा, जानी ही थी
रिश्तों में तो दरार आनी ही थी
रूठकर मुझसे किस्मत जानी ही थी...

मेरे मिटने का उनको ग़म न था
आँखों में न आँसू थे
लबों पर एक हमदर्दी का शब्द न था 
ढूँढा लाख मिला न कोई एक दोस्त सच्चा
मुझे तो दोस्तों से पथ-पथ पर ठोखर खानी ही थी
रिश्तों में तो दरार आनी ही थी
रूठकर मुझसे किस्मत जानी ही थी...

रोमिल मत करो गिला किसी से तुम
कच्चे घड़े हैं यह रिश्ते
बरसात में बह जाने ही थे 
रिश्तों में तो दरार आनी ही थी
रूठकर मुझसे किस्मत जानी ही थी...

#रोमिल