Friday, February 11, 2011

कागज़ के कोने

उससे तो कह नहीं सकते तुम दर्द अपना रोमिल
इसलिए कागज़ के कोने में लिखा करते हो...

#रोमिल

Thursday, February 10, 2011

जिंदा हूँ

जो कभी मौत के समय भी तेरी याद में खून से ख़त लिखता था रोमिल
आज दो शब्द लिखकर कहता है "जिंदा हूँ"

#रोमिल

मेरा नाम

मेरा नाम अपने हाथों पर लिख लो रोमिल
अब... जुबान से तो तुम बोलने से रहे... 

जुनून-ए-मोहब्बत

कभी कहाँ ही नहीं उसने मोहब्बत है तुमसे रोमिल
एक तरफ़ा जुनून-ए-मोहब्बत अच्छी नहीं होती...




घुमक्कड़ घुमक्कड़ घुमक्कड़ हैं वोह

घुमक्कड़ घुमक्कड़ घुमक्कड़ हैं वोह
कभी अमृतसर,
कभी जालंधर,
कभी दिल्ली हैं वोह...
*
दादागिरी,
पंगेबाजी,
लडको से अकड़ती हैं वोह
घुमक्कड़ घुमक्कड़ घुमक्कड़ हैं वोह
*
मोबाइल पर गाना सुनती हैं वोह
वोह 
वोह 
वोह  
फ्राईडे मोर्निंग... सिनेमा की लाइन में लगाती हैं वोह 
वोह
वोह
वोह
शाहरुख़ की...बोले तोह दीवानी हैं वोह
घुमक्कड़ घुमक्कड़ घुमक्कड़ हैं वोह
[written by romil - copyright reserved]

मोहब्बत-ए-दास्तान

मेरी मोहब्बत-ए-दास्तान सुनोगे तो रो दोगे रोमिल
तिनका - तिनका जोड़ी हैं, तिनका - तिनका बिखरी हैं...

#रोमिल

यकीन

अगर होता यकीन की वो लौटकर आएगा रोमिल 
मैं कभी अपने घर को खंडहर नहीं बनने देता...

#रोमिल