Thursday, September 8, 2011

उम्मीद

उससे उम्मीद तो मेरी बहुत थी रोमिल...
मगर वो ना-उम्मीद कर गया मुझे, मेरी तकदीर की तरह...

#रोमिल

Tuesday, September 6, 2011

ज़िन्दगी की ठोकरों से

ज़िन्दगी की ठोकरों से हमको यह पता चला रोमिल 
इश्क करना तो बहुत आसान था
निभाना था मुश्किल.

#रोमिल

साहिल पर ना जाने कैसी ख़ामोशी छाई है

साहिल पर ना जाने कैसी ख़ामोशी छाई है
आज सागर किनारे आये तो तेरी याद बहुत आई है...

एक दूसरे का हाथ पकड़ कर जिस रेत से हम घर बनाया करते थे 
आज वही रेत मेरे साथ, मेरे घर चली आई है...

मैं उस शख्स को कैसे माफ़ कर दूं
जिसने मेरी ज़िन्दगी से अवध (लखनऊ)-ए-शाम चुराई है...

मत छेड़ो यादों के सागर के पानी को रोमिल
यह लहरें लगता है फिर तुमको डूबोने आई है...

#रोमिल

Sunday, September 4, 2011

मरने के पहले

दो घड़ी देख लूँ उसको मरने से पहले
रोमिल, खुदा से यह आरज़ू हैं मेरी मरने से पहले

वोह खुद में ही खोया रहता है खुदा की तरह
चाहे दीवाना लाख बार मरे, मरने से पहले

मासूम चेहरे पर, झूठ लपेटकर
कितनी बार ज़िन्दगी से समझौता कर लेता है इंसान, मरने से पहले

न शिकवा, न शिकायत, न दिल में कोई बैर रखना
एक बार तो दिल से मिल जाओ, मरने से पहले.

#रोमिल

Saturday, September 3, 2011

तोहफे का दिलासा

तोहफे का दिलासा देकर मना लेती है
चाँद को खिलौना बता के सुला देती है
यह माँ ही होती है रोमिल
जो खुद भूखा रह कर, बच्चों को खाना खिला देती है...

#रोमिल

परिंदा

यह कैसा परिंदा निकला मेरा दिल रोमिल
पानी - पानी भी चिल्लाता रहा
मगर तेरे दर का पानी भी ना पिया...

#रोमिल

Friday, September 2, 2011

अंजाम

मेरा कुछ भी अंजाम हो मोहब्बत में रोमिल
लेकिन मैं जाते-जाते
उसे मोहब्बत करना सीखा जाऊँगा...

#रोमिल