Wednesday, September 14, 2011

नादान ही है मेरी मोहब्बत

राज़-ए-दिल छुपाये तो कब तक छुपाये हम
आंसूओं को कब तक पीते जाये हम
नादान ही है मेरी मोहब्बत रोमिल
जो बेवफा निकला 
उस जैसा ही ढूँढ़ते रहते है हम!

#रोमिल

Tuesday, September 13, 2011

वो शख्स...

एक मुलाक़ात में ज़िन्दगी खरीद लेता है
वो शख्स जब मुस्कुराकर मिलता है...

राहों में उसके गुलाब बिखर जाते है
वो शख्स जब मेरी गलियों से गुज़रता है...

चाँद भी शर्माकर बादल में छुप जाता है
वो शख्स जब रात में निकलता है...

थम जाती है हवा, यह फिजा, यह धड़कन रोमिल 
वो 
शख्स जब प्यार से मेरा नाम पुकार लेता है...

#रोमिल

Monday, September 12, 2011

छोड़ गया मुझे वो अपना बनाने से पहले

छोड़ गया मुझे वो अपना बनाने से पहले
हाल-ए-दिल जुबान पर आने से पहले

कैसे कहूं अपने दिल की बात 
आँखों से आंसू निकल जाते है दर्द-ए-दिल जुबां पर लाने से पहले

मुझको ठहरा गया वो अपना कातिल
मेरी वकालत सुनने से पहले

उम्रभर बस इसी बात का मलाल रहेगा दिल में रोमिल 
वो मुझे रोक लेता, एक बार बेवफा होने से पहले...

#रोमिल

Thursday, September 8, 2011

bhatakte rahe umar bhar hum kisi ki talash mein romil

bhatakte rahe umar bhar hum kisi ki talash mein romil
kaash ek nazar khud mein bhi jhaak liya hota...
mujhi main mil jaata woh
kaash maine bhi radha-krishna jaisa pyar kiya hota...

#Romil

भटकते रहे उम्र भर हम किसी की तलाश में रोमिल 
काश एक नजर खुद में भी झाँक लिया होता... 
मुझी में मिल जाता वो 
काश मैंने भी राधा-कृष्ण जैसा प्यार किया होता...

#रोमिल

उम्मीद

उससे उम्मीद तो मेरी बहुत थी रोमिल...
मगर वो ना-उम्मीद कर गया मुझे, मेरी तकदीर की तरह...

#रोमिल

Tuesday, September 6, 2011

ज़िन्दगी की ठोकरों से

ज़िन्दगी की ठोकरों से हमको यह पता चला रोमिल 
इश्क करना तो बहुत आसान था
निभाना था मुश्किल.

#रोमिल

साहिल पर ना जाने कैसी ख़ामोशी छाई है

साहिल पर ना जाने कैसी ख़ामोशी छाई है
आज सागर किनारे आये तो तेरी याद बहुत आई है...

एक दूसरे का हाथ पकड़ कर जिस रेत से हम घर बनाया करते थे 
आज वही रेत मेरे साथ, मेरे घर चली आई है...

मैं उस शख्स को कैसे माफ़ कर दूं
जिसने मेरी ज़िन्दगी से अवध (लखनऊ)-ए-शाम चुराई है...

मत छेड़ो यादों के सागर के पानी को रोमिल
यह लहरें लगता है फिर तुमको डूबोने आई है...

#रोमिल