Friday, September 16, 2011

ऐसी ख़ामोशी पर

ऐसी ख़ामोशी पर लूट जाने को दिल करता है
नहीं देखा है उसे फिर भी उससे बातें करने को दिल करता है
यह कैसी दीवानगी है उसकी रोमिल
नहीं मिलते जिससे जवाब, उसी को ख़त लिखने को दिल करता है...

#रोमिल

Thursday, September 15, 2011

woh hans - hans ke khud ko saaza deta hai...

woh hans - hans ke khud ko saaza deta hai
gum khud ke liye rakh leta hai
khushiyaan anjaano mein baat deta hai...

us jaisa shaks kahan milega
jo heera hai
fhir bhi naqabon mein chupa rehta hai...

aane wale har modh ko chod deta hai
woh kamyabi ki manzil se durr hi rehta hai
itna beqarar hai milne ke liye usse
woh raste dar raste bhatakta rehta hai...

ajeeb lagati hai uski kahani romil
woh andhekon se pyar kiya karta hai 
woh mare hue logon se baatein kiya karta hai...

woh hans - hans ke khud ko saaza deta hai...

#Romil

वो हँस-हँस के ख़ुद को सज़ा देता है
ग़म ख़ुद के लिए रख लेता है
ख़ुशियाँ अंजानो में बांट देता है...

उस जैसा शख्स कहाँ मिलेगा
जो हीरा है
फिर भी नकाबों में छुपा रहता है...

आने वाले हर मोड़ को छोड़ देता है
वो कामयाबी की मंज़िल से दूर ही रहता है
इतना बेक़रार है मिलने के लिए उससे
वो रास्ते दर रास्ते भटकता रहता है...

अजीब लगती है उसकी कहानी रोमिल
वो अनदेखो से प्यार किया करता है
वो मरे हुए लोगों से बातें किया करता है...

वो हँस-हँस के ख़ुद को सज़ा देता है...

#रोमिल

एहतेराम

बड़े एहतेराम के साथ उसने मेरा दिल तोड़ा रोमिल
चीज़ कीमती थी इस बात का ख्याल था उसे...

#रोमिल

Wednesday, September 14, 2011

नादान ही है मेरी मोहब्बत

राज़-ए-दिल छुपाये तो कब तक छुपाये हम
आंसूओं को कब तक पीते जाये हम
नादान ही है मेरी मोहब्बत रोमिल
जो बेवफा निकला 
उस जैसा ही ढूँढ़ते रहते है हम!

#रोमिल

Tuesday, September 13, 2011

वो शख्स...

एक मुलाक़ात में ज़िन्दगी खरीद लेता है
वो शख्स जब मुस्कुराकर मिलता है...

राहों में उसके गुलाब बिखर जाते है
वो शख्स जब मेरी गलियों से गुज़रता है...

चाँद भी शर्माकर बादल में छुप जाता है
वो शख्स जब रात में निकलता है...

थम जाती है हवा, यह फिजा, यह धड़कन रोमिल 
वो 
शख्स जब प्यार से मेरा नाम पुकार लेता है...

#रोमिल

Monday, September 12, 2011

छोड़ गया मुझे वो अपना बनाने से पहले

छोड़ गया मुझे वो अपना बनाने से पहले
हाल-ए-दिल जुबान पर आने से पहले

कैसे कहूं अपने दिल की बात 
आँखों से आंसू निकल जाते है दर्द-ए-दिल जुबां पर लाने से पहले

मुझको ठहरा गया वो अपना कातिल
मेरी वकालत सुनने से पहले

उम्रभर बस इसी बात का मलाल रहेगा दिल में रोमिल 
वो मुझे रोक लेता, एक बार बेवफा होने से पहले...

#रोमिल

Thursday, September 8, 2011

bhatakte rahe umar bhar hum kisi ki talash mein romil

bhatakte rahe umar bhar hum kisi ki talash mein romil
kaash ek nazar khud mein bhi jhaak liya hota...
mujhi main mil jaata woh
kaash maine bhi radha-krishna jaisa pyar kiya hota...

#Romil

भटकते रहे उम्र भर हम किसी की तलाश में रोमिल 
काश एक नजर खुद में भी झाँक लिया होता... 
मुझी में मिल जाता वो 
काश मैंने भी राधा-कृष्ण जैसा प्यार किया होता...

#रोमिल