Monday, December 5, 2011

इन दिनों खर्चे बहुत है ज़िन्दगी जीने में

इन दिनों खर्चे बहुत है ज़िन्दगी जीने में
कौन जाये रोमिल, फिर भी, लखनऊ की गलियाँ छोड़कर...

है हसरत-ए-दिल की मौत मुझे यही आ जाये तो अच्छा है
लोग नहीं रोमिल, ज़मीन तो तेरी अपनी है...


दुनिया में कौन किसकी लेता है खबर
तुम भी चले चलो, रोमिल, ज़िन्दगी-ए-कारवां भी लम्बा है...

#रोमिल

LUCKNOW MAHOTSAV 2011





LUCKNOW MAHOTSAV 2011 - Hindu Gods and Goddess Wooden and Ceramic







LUCKNOW MAHOTSAV 2011 - Colorful Umbrella and lamps



Saturday, December 3, 2011

खवाबों के समुन्दर में खो जाते है...

चलो सो जाते है,
खवाबों के समुन्दर में खो जाते है
फिर सुबह होगी
ज़िन्दगी भाग-दौड़ में खो जाएगी
डूबती हुई शाम में चलो
चाय का प्याला हाथों में लेकर कुछ गुनगुनाते है...

खवाबों के समुन्दर में खो जाते है...

चलो महकती हुई मोमबत्ती जलाते है
पानी में गुलाब सजाते है
चाँद को खिड़की से निहारते है
कुछ गुनगुनाते है...

चलो अब सो जाते है
खवाबों के समुन्दर में खो जाते है...
...
(⁀‵⁀) .
.`⋎´

#रोमिल

Friday, December 2, 2011

मरने से पहले...

रोमिल, खुदा जाने की उसे याद भी है की नहीं
मैंने एक ख़त लिखा था उसे अपने मरने से पहले...
न जलाने का उसमे ज़िक्र था
न कब्र में डालने का उसमे ज़िक्र था
बाहों में भर लो मुझे, यह ज़िक्र किया था मरने से पहले...

#रोमिल

Thursday, December 1, 2011

चहरे पर आई नफरत को पल भर में भाप लिया...

मेरे दिल में छुपी मोहब्बत को वो उम्रभर पहचान ना सका रोमिल
चहरे पर आई नफरत को पल भर में भाप लिया...

#रोमिल