Saturday, January 7, 2012

मेरे महबूब मुझे तमीज़ सिखा दे

रोमिल, मेरे महबूब मुझे तमीज़ सिखा दे
मेरे दिल की आँख को परख ज़रा
मैं बहक जाता हूँ तुझे देखकर
तू मेरे रूबरू रह, करीब न आ ज़रा...

#रोमिल

Friday, January 6, 2012

वो आने वाला है घर में

वो आने वाला है घर में 
चलो सूखे गमलों में गुलाब को लगाया जाये.

बिखरी पड़ी है चीज़े इधर से उधर
चलो घर की चीज़ों को सवारा जाये.

कब तक रोते रहोंगे यूँही छुप - छुप कर
चलो पुरानी यादों को सजाया जाये.

रोमिल, मेरे घर में बहुत दिनों बाद आई है चांदनी
चलो चाँद के इंतज़ार में पलके बिछाया जाये.

#रोमिल

Thursday, January 5, 2012

किसी भी व्यक्ति द्वारा किये गए उत्तम कार्य की प्रशंसा पूरी ईमानदारी के साथ मन से करे

किसी भी व्यक्ति द्वारा किये गए उत्तम कार्य की प्रशंसा पूरी ईमानदारी के साथ मन से करे, बनावटी या ऊपरी दिखावा न करे.

यदि अति जरुरी न हो तो किसी भी व्यक्ति से उसके रिश्तों और वैवाहिक स्थिति को लेकर व्यक्तिगत सवाल न करे.

यदि अति जरुरी न हो तो किसी भी व्यक्ति से उसके रिश्तों और वैवाहिक स्थिति को लेकर व्यक्तिगत सवाल न करे.

उफ़ ...

"बातों-बातों में इकरार कर जाते हो
उफ़ ... रोमिल क्या अदा है तुम्हारी
नज़रे भी लड़ाते हो और नज़रे भी चुराते हो...

#रोमिल

Wednesday, January 4, 2012

गरीबों का तमाशा बना देती है, जब सरकार उसे परिभाषा देती है.

गरीबों का तमाशा बना देती है
जब सरकार उसे परिभाषा देती है.

कभी गरीबी रेखा के नीचे 
तो कभी सस्ता अनाज देने की योजना के नाम पर 
सड़ा-गला अनाज गोदामों को उपलब्ध करवा देती है.
गरीबों का तमाशा बना देती है...

कभी मकान के नाम पर, बिना प्लास्टर की चार दीवारें खड़ा कर देती है.
तो कभी बिना छप्पर के शौचालय बनवा देती है.
जब सरकार उसे  महापुरुषों  की योजना बना देती है.   
गरीबों का तमाशा बना देती है...

बिना अध्यापक के स्कूल
तो कभी पोषाहार के नाम पर उपस्थिति दिखा देती है.   
बिना डॉक्टर के हॉस्पिटल
तो कभी फर्जी टीकाकरण, प्रसव दिखा देती है.  
जब सरकार उसे राष्ट्रीय योजना का नाम देती है.
गरीबों का तमाशा बना देती है...

गरीबी न जाने कितने सालों से किसानो को खाती चली आई है
सरकार जी.डी.पी. के नाम पर देश का विकास दिखाती आई है
गरीबों का तमाशा बना देती है
जब सरकार देशवालों को विकास की हरियाली दिखा देती है.

गरीबों का तमाशा बना देती है
रोमिल, जब सरकार उसे परिभाषा देती है.

Sunday, January 1, 2012

नए साल में हम फिर दिल लगा लेते है...

चलो पुरानी बातों को हम भुला देते है
नए साल में हम फिर दिल लगा लेते है...

पिछले बरस की तरह न हो जाये यह साल भी गमगीन
चलो आने वाले १२ महीनों को हम खुशियों से सजा लेते है...

बेहिसाब देते है हम लोगों को मुबारकबादें
रोशनी के दीयों से हम अँधेरे घरों को जला लेते है...

नया साल, नई सुबह, नई शाम है रोमिल
आँखों को चलो नए ख़्वाब, 
नई दुनिया, 
नया आसमान, 
नई ज़मीन, 
नए लोग 
दिखा लेते है... 

चलो पुरानी बातों को हम भुला देते है
नए साल में हम फिर दिल लगा लेते है...

#रोमिल