Thursday, April 12, 2012

अपने जीवनसाथी की बातों को बीच में काटना नहीं चाहिए

अपने जीवनसाथी की बातों को बीच में काटना नहीं चाहिए, बल्कि उसकी पूरी बात सुनने के बाद उससे बात करनी चाहिए, इससे मतभेद नहीं बढ़ता हैं.

दूसरों के सामने अपने जीवनसाथी का अपमान या आलोचना नहीं करनी चाहिए.

दूसरों के सामने अपने जीवनसाथी का अपमान या आलोचना नहीं करनी चाहिए.

Wednesday, April 11, 2012

माँ ने बचपन में कितना दुलार दिया

माँ ने बचपन में कितना दुलार दिया
मेरा बचपन निखार दिया.

कितने प्यार से घमौरी हो जाये तो पीठ पर nycil powder लगाती थी 
पैरों में लिटाकर dabur lal tail से जोर से मालिस करती थी.

चहरे पर थोड़ी सी, बस थोड़ी सी johnson baby cream लगाती थी
बालों को keo karpin oil से सजाती थी.

cerelac दिन भर पीछे - पीछे दौड़ा कर खिलाती थी
रात में सोते समय दूध की बोतल मुँह में लगाती थी.

huggies diapers से जोर से पैक कर देती थी
स्कूल के लंच बॉक्स में पसंदीदा चीज़ें रखकर देती थी.

माँ कितना ख्याल रखती थी...

#रोमिल

Tuesday, April 10, 2012

माँ के पास फुर्सत के क्षण नहीं हैं

दर्पण का मोह नहीं 
जवानी की जिसे परवाह नहीं 
रूप श्रृंगार का वक़्त नहीं 
माँ के पास फुर्सत के क्षण नहीं हैं.

बच्चों के भविष्य को संवारे 
घड़ी के कांटो संग भागे 
अपने सपनों का महल जलाये 
समर्पण की दीवानी है.

श्रम की कहानी लिखती 
हर पल परीक्षा की घड़ी पर खड़ी 
मुसीबत से लड़ती 
हर घर की प्रगति है. 

शौक जिसके धूमिल है 
जो सब्र की मूरत है 
प्यार का सागर है जो 
ऐसी हस्ती को शत-शत नमन है.

#रोमिल

Monday, April 9, 2012

माँ तांगे वाला घोड़ा

तांगे वाला घोड़ा
माँ तांगे वाला घोड़ा
सरपट सड़क पर जब चले इतराए थोड़ा - थोड़ा 
माँ तांगे वाला घोड़ा
माँ तांगे वाला घोड़ा 

तग बग... ताग बग... ताग बग

धूल उड़ाता जाये
दुम अपनी हिलाता जाये
चाबुक की दम पर नाचे थोड़ा - थोड़ा 
माँ तांगे वाला घोड़ा
माँ तांगे वाला घोड़ा 

तग बग... ताग बग... ताग बग

नमक की बोरी को तांगे पर लादे
लगाम के समझे इशारे
हाँफे, भागते, फेना निकालते जाये थोड़ा - थोड़ा 
माँ तांगे वाला घोड़ा
माँ तांगे वाला घोड़ा

तग बग... ताग बग... ताग बग 

मैं तांगे पर बैठा उसको हाँकता
उसको अपने हाथों से घास खिलाता
कभी उसके बच्चे को धूप-छाँव में भगाता
मुझे ढेर सारी खुशियाँ देता यह घोड़ा
माँ तांगे वाला घोड़ा
माँ तांगे वाला घोड़ा

#रोमिल

Sunday, April 8, 2012

दे दो न माँ आँखों में कोई स्वपन सुहाना

आज कुछ मांगता हूँ माँ
दे दो न माँ
आँखों में कोई स्वपन सुहाना

घुटनों - हाथों के बल चलकर आना
बेमतलब का खिलखिलाना
बिना बात के ही आँखों में आंसू आ जाना
चुप्पी को तोड़कर जोर से चीखना-चिल्लाना
दोनों हाथ खोलकर दौड़ते हुए आना
हाथों की उंगली पकड़कर चलते चले जाना
सिर पर प्यार से थपकी देना
बिना आहट के बिस्तर से उठ जाना
नल खोल कर, उसके नीचे बैठ कर नहाना 
मंदिर में जाकर घंटा बजाना
आइसक्रीम शर्ट पर गिराना
इंक से हाथों को नीला करना
कागज़ का जहाज़ बनाना
किताबों में चित्र बनाना
मिट्टी के घर को सजाना.   

दे दो न माँ
आँखों में कोई स्वपन सुहाना

#रोमिल

Saturday, April 7, 2012

माँ, चने कुरमुरे, चने कुरमुरे वाला आ गया

माँ, चने कुरमुरे, चने कुरमुरे वाला आ गया
फास्ट-फ़ूड की शहर में देखो टाइम पास वाला आ गया
मसाला इसका एक दम मस्त है
भुन कर देता जबरदस्त है
माँ, चने कुरमुरे, चने कुरमुरे वाला आ गया.

माँ, आइसक्रीम वाला, आइसक्रीम वाला आ गया
गर्मी के मौसम में ठंडई वाला आ गया
रूह अफज़ा डालकर वोह हमको आइसक्रीम खिलायेगा
ठंडई में बर्फ डाल कर पिलाएगा
माँ, आइसक्रीम वाला, आइसक्रीम वाला आ गया.

माँ, गन्ने के जूस, गन्ने के जूस वाली दुकान
५/- रूपया में छोटा और १०/- रूपया में बड़ा गिलास
दूध की बाल्टी में गन्ने का रस भरवाकर घर लायेंगे
फ्रीज़र में ठंडा कर मज़े से पियेंगे 
माँ, गन्ने के जूस, गन्ने के जूस वाली दुकान

#रोमिल