Saturday, May 12, 2012

kuch aise hi...

(1)
bada accha lagta hai romil
unka sawal karna,
sab kuch jaan ke anjaan banna.

meri dil ki dhadkan se wakif hai woh shaks
fir bhi puchata hai naam apna !

बड़ा अच्छा लगता है रोमिल 
उनका सवाल करना 
सब कुछ जान के अंजान बनना... 

मेरे दिल की धड़कन से वाकिफ है वो शख्स 
फिर भी पूछता है नाम अपना!

(2)
Raat bhar jagate rahenge hum umar bhar is ehsaas ke saath romil
ki subah unki baahon mein hogi !

रात भर जागते रहेंगे हम उम्र भर इस एहसास के साथ रोमिल 
की सुबह उनकी बाहों में होगी !

(3)
haq hi nahi hai apna ki unse kuch baatein keh sake,
sach to yeh bhi hai romil,
yeh baat samaj nahi aati ki unse door kaise reh sake !

हक ही नहीं है अपना की उनसे कुछ बातें कह सके 
सच तो यह भी है रोमिल 
यह बात समझ नहीं आती की उनसे दूर कैसे रह सके !

Friday, May 11, 2012

एक बच्चे को माँ से जुदा किया है

खुदा इस तरह तूने मुझ पर सितम किया है
एक बच्चे को माँ से जुदा किया है

पिता का साथ तो पहले ही तू छीन चुका था
माँ को छीनकर तूने नया ज़ख्म दिया है

मैं सोचता था तू दूसरों जैसा नहीं होगा
तूने भी वही काम सर-ए-आम किया हैं 

और

मुश्किल था मेरे लिए तेरा नाम मिटाना
मेरी जान यह भी काम तूने असां किया है।

#रोमिल

Thursday, May 10, 2012

खुदा ज़रा देख मेरे घर को

खुदा ज़रा देख मेरे घर को
माँ को दो घडी ही सही भेज दे मुझे सुलाने को

इतना भी ताक़त का नशा अच्छा नहीं होता
खुदा सताए किसी बच्चे को

कुछ तो हो जाते कम मेरे आंसू
बाहों में भरकर माँ जो झुला देती मुझको

और 

जितने मुँह उतनी ही बातें हैं चारों तरफ
दीवाने है दुनिया वाले उसका नाम लेकर चिढ़ाते है मुझको।

#रोमिल    

Wednesday, May 9, 2012

माँ की सीख है इसे भूल ना जाओ

माँ की सीख है इसे भूल न जाओ
किसी रोते हुए बच्चे को हँसाओ

यूं फ़िक्र में दिन-रात गलते न जाओ
उठो मुसीबत को सुलझाओ

ज़ुल्म की होती है रात छोटी
डरो नहीं, दिन निकलेगा 
इन्साफ की सुबह को गले लगाओ

गलत होता देख मूह फेर लेना अच्छा नहीं होता 
खुद में हिम्मत लाओ
कुछ बदल के दिखाओ.

और

जब तक वो ना बन सके एक अच्छी इंसान
उसे हर्गिज़ ना अपनाओ
उसे हर्गिज़ ना अपना बनाओ।

#रोमिल

Tuesday, May 8, 2012

खुशियाँ हमारे सर-ए-ताज होंगी जब माँ हमारे साथ होगी.

खुशियाँ हमारे सर-ए-ताज होंगी
जब माँ हमारे साथ होगी.

लब खामोश रहेंगे ना हिल सकेंगे
नज़रे आसमान-ए-हद को पार कर खुदा के दर पर होंगी.

दूरियों के सब फासले हम मिटा देंगे
जन्नतें ज़मीन पर होंगी.

चाँद-तारे ज़मीन पर गुल-ओ-गुलज़ार हो रहे होंगे
एक बच्चे की तमन्ना पूरी हो रही होगी.

और

मेरे मरते हुए दिल को कुछ तो जरुर मिली होगी मदद
जब उसने मुझे कडवाहट भरी बातें कहीं होंगी।

#रोमिल

Monday, May 7, 2012

कलम उठाओ और माँ के नाम ख़त लिखो

कलम उठाओ और माँ के नाम ख़त लिखो
आँखों का नर्म होना लिखो, होंठों की मुस्कान लिखों

किस कदर बिताये है दिन-रात लिखो
सुबह का अकेलापन लिखो रात का सूनापन लिखो

मिलने की खवाइश लिखों
साथ रहने के ख़यालात लिखों

और

जी कहता है उसकी ग़लतफ़हमियाँ दूर करो  
मोहब्बत की शुरुआत लिखो

यह भी सच है
जी कहता है उसकी कुछ ना सुनो उसको कुछ ना लिखों।

#रोमिल

Sunday, May 6, 2012

ज्यादा देर तक आसमान को देखूंगा तो गिर जाऊँगा

माँ से बिछड़ गया तो कहाँ जाऊँगा 
ज्यादा देर तक आसमान को देखूंगा तो गिर जाऊँगा 

मैं इसी उम्मीद पर जिंदा हूँ
एक दिन इसी मिट्टी में मिल जाऊँगा 

चाहे पहुँच जाऊं मैं आसमान की बुलंदियों तक 
जिस दिन माँ को भूलूंगा मर जाऊँगा 

और

उसके परिवार वाले भी मेरे अपने है
उनके मरने की दुआ पढूंगा तो काँप जाऊँगा 

मगर यह भी सच है
उनका सगा बना तो मैं अपनी माँ का गुनाहगार हो जाऊँगा।

#रोमिल