Tuesday, May 15, 2012

एक दिया ही तो देता था मेरे चमन में रोशनी-ए-जान

एक दिया ही तो देता था मेरे चमन में रोशनी-ए-जान 
खुदा ने वो भी बुझा दिया 

एक ही तो था मेरा अपना, मेरा हमसाया
खुदा ने वो सिलसिला ही मिटा दिया

महफ़िल-ए-रंग-ओ-नूर की फिर मुझे याद आ गई
खुदा ने हर महफ़िल को मातम बना दिया

इससे बड़ी क़यामत क्या होगी मेरे लिए
खुदा ने सिर से माँ का साया ही उठा दिया 

और

सोचता हूँ जिस्म से दिल को निकालकर कीमा बना दूं
कैसे इसने उस बेवफा को मेरा खुदा बना दिया।

#रोमिल

Monday, May 14, 2012

दोस्त वो होता है

दोस्त...

दोस्त वो होता है जो आपकी प्रेस की हुए शर्ट आपसे पूछे बिना पहनकर चला जाता है।

दोस्त वो होता है

दोस्त...

दोस्त वो होता है जो क्लास रूम में अपना कन्धा आपको सोने के लिए देता है।

दोस्त वो होता है

दोस्त...

दोस्त वो होता है जो हॉस्पिटल में आपका हालचाल नहीं बल्कि
नर्स कैसी है पूछता है।

#रोमिल

जो खुदा न कर सका वो काम माँ की यादों ने किया

जो खुदा न कर सका वो काम माँ की यादों ने किया
रोते हुए एक बच्चे को हँसा दिया

हमारा नाम लेने लगा खुदा भी
फरिश्तों ने आकर हमें सलाम किया

माँ की तस्वीर से करता रहा बातें
मदर डे पर उसने यही काम सुबह और शाम किया

श्रीराम या श्रवण कुमार, ज़माना उनको हमेशा याद रखेगा
जिसने माँ-पिता पर अपना जीवन वार दिया

और

ए नादान दिल उस शख्स से मैं कैसे मुहब्बत कर पाऊंगा 
जिसने मुसीबत में हमसफ़र बनकर साथ ना दिया।

#रोमिल

Sunday, May 13, 2012

माँ के बिना ज़िन्दगी है, मगर ज़िन्दगी नहीं

जलता हुआ दिया हूँ जिसमें रोशनी नहीं
माँ के बिना ज़िन्दगी है, मगर ज़िन्दगी नहीं

चार महीने बीत चुके है माँ की चिता की आग को बुझे हुए
लेकिन दिल में जो जल रही है आग अभी वो बुझी नहीं

यह चाँद, यह बादल, यह फूल, यह हवा, यह फिजा
सब जगह माँ का चेहरा
 कौन कहता है खुदा किसी रोते हुए बच्चे की सुनता नहीं     
और 

यूंह तो सब कुछ हैं मेरे पास कोई कमी नहीं
फिर भी रातों को नींद आती क्यों नहीं।

#रोमिल

Saturday, May 12, 2012

चार महीने सिर्फ बीते है मेरी माँ के जनाज़े को

चार महीने सिर्फ बीते है मेरी माँ के जनाज़े को
शर्म भी नहीं आती मुझे मशवरा देने वालों को.

माँ की सीख ने बांध रखी है मेरी जुबान को
वरना खुले-ए-बाज़ार बेइज़्ज़हत करता मुझे समझाने वालों को

(माँ के वक़्त... उस वक़्त...)
तब कोई नहीं आया जब मैं पुकारता रहा साथ देने वालों को 
जी चाहता है कफ़न तोहफा करूँ निकाह की तजवीज़ देने वालों को

और

(मोबाइल पर चर्चा कहा हो पाती हैं...)
जवाब-ए-नजराना तो हम भी उसे खूब देते रोमिल
काश वो दो पल तो देते आमने-सामने बैठकर गुफ्तुगू के तरीके से गुफ्तुगू को।

#रोमिल