Thursday, September 30, 2010

chalo aaj hum ek-dusare ko maaf karte hai....

chalo aaj hum ek-dusare ko maaf karte hai
saare gile-shikwe mann se saaf karte hai
aaj mil jayo humse gale
sochenge kabhi kya insaaf karte hai...

#Romil

चलो आज हम एक-दूसरे को माफ़ करते है...
सारे गिले-शिकवे मन से साफ करते है...
आज मिल जाओ हमसे गले
सोचेंगे कभी क्या इंसाफ करते है...

#रोमिल

कभी यहाँ बैठे तोह कभी वहां बैठे...

कभी मस्जिद पर बैठे
कभी मंदिर पर बैठे
जहाँ मिला सुकून-चैन, भाई-चारा
कभी यहाँ बैठे तो कभी वहां बैठे...
*
इस तरह पूरी हुई सैर-ए-अयोध्या की आरज़ू
कभी राम के दरबार में बैठे
कभी खुदा की बंदगी में बैठे...
*
जब भी बरसी हम पर मुसीबतों की आंधियां
कभी मंदिर की छाया में बैठे
कभी मस्जिद की पनाह में बैठे.

दिल से पूछ रहे हैं हादसे पर हम
अब कहाँ जाकर हम बैठे.

#रोमिल

Wednesday, September 29, 2010

मैंने मोहब्बत के अंगारों को इस कद्र भड़का रखा है.

इस तरह उसको छुपाये रखा है
मैंने सीने में अंगारा दबाये रखा है.
*
वो तो जानता ही नहीं दर्द मेरा
मैंने इज़हार-ए-इश्क होंठों में छुपाये रखा है.
*
उसको पा जाऊँ यही दिल-ए-आरज़ू है मेरी
हर दुआ में बस उसका नाम रखा है.
*
मेरा पता ठिकाना पूछने वालों
उसकी आँखों की झीलों में मेरा पता रखा है.
*
मेरी आँखों से टपकते है उसकी यादों के शोले
मैंने मोहब्बत के अंगारों को इस कद्र भड़का रखा है.

#रोमिल

Tuesday, September 28, 2010

पर वो मेरे प्यार की कद्र न समझ पाए.

इतने दिनों के बाद वो आये
न कोई पैग़ाम
न कोई हालचाल संग लाये...
*
किससे कहे अपनी रात का आलम 
वो चाँद तो बनकर आये 
मगर चांदनी संग न लाये.
*
लेना चाहता था उनसे लम्हा-लम्हा का हिसाब
वो साथ अपने पहचान तक न लाये.
*
प्यार तो किया था हमने उनसे बेशुमार
पर वो मेरे प्यार की कद्र न समझ पाए.

#रोमिल

Monday, September 27, 2010

मैं तो गुलाब हूँ, मुझे गुलाब कहो...

न हिन्दू कहो
न मुस्लिम कहो
मैं तो गुलाब हूँ, मुझे गुलाब कहो...
*
मुस्कुराता रहता हूँ मैं फिज़ाओं में
झूमता रहता हूँ मैं घटाओं में
इन फिज़ाओं, इन घटाओ में ज़हर मत भरो.
मैं तो गुलाब हूँ, मुझे गुलाब कहो...
*
सूरज को मैं जानता हूँ
चाँद को मैं पहचानता हूँ
इन पहचानो को बदलने को मत कहो.
मैं तो गुलाब हूँ, मुझे गुलाब कहो...
*
जिस ज़मीन पर खिलता हूँ उसे रब की ज़मीन समझ लेता हूँ
मुझे इसे हिंदुस्तान या पाकिस्तान कहने को मत कहो
मैं तो गुलाब हूँ, मुझे गुलाब कहो...

#रोमिल

चलो हम एकता का ताजमहल बनाये.

न मंदिर बनाये  
न मस्जिद बनाये
चलो हम एकता का ताजमहल बनाये.

#रोमिल

दौलत मिली, शोहरत मिली मगर माँ का आँचल न मिला

दौलत मिली, शोहरत मिली मगर माँ का आँचल न मिला
लौटा जो वापस तो मुझे मेरा घर न मिला...
*
बचपन में हुआ जो मुझे रूपया कमाने का जूनून
मेरे हाथों को खिलौनों का साथ न मिला...
*
मैं तो चाहता था ईमानदारी के रास्ते पर चलूं
मगर मुझे दुनिया का साथ न मिला...
*
अब यह नौकरी शायद कर न पाऊँगा
मुझे रूपया तो मिला मगर दिल का सुकून - चैन न मिला...

#रोमिल