Friday, December 31, 2010

सोचा की मर जाते हैं...

बेटों के आगे कुछ न कर सका तो सोचा की मर जाते हैं...
घर नहीं
यह कब्र तो अपने महबूब के नाम कर जाते हैं...
*
दीये की तरह जलता रहा उम्र भर
जब सवेरा हुआ तो सोचा की अब भुझ जाते है...
*
मुस्कुराया इतना की सब उसकी मुस्कराहट के कायल हो गए
जाते-जाते सोचा की साथ आँखों में आंसू दे जाते है...
*
क्या नहीं था उसके पास इस जहाँ में
दोस्त था 
प्यार था
ऐशो आराम था
बस एक रब नहीं था
सोचा की चलो उससे मिलने जाते है...

#रोमिल

Thursday, December 30, 2010

उसके इत्र की खुशबू आती रही रात भर

उसके इत्र की खुशबू आती रही रात भर
यह सर्द हवा भी कहीं दूर से उसका संदेशा लाती रही रात भर...
*
मैं चादरों में लिपटा रहा रात भर
बदन को उसकी तस्वीरों से रगड़ता रहा रात भर...
*
उसके हंसी के फूलों की महक मैं लेता रहा रात भर
ख़्वाबों के महल में मदहोश रहा मैं रात भर..
*
चांदनी रात, सितारों का आलम आसमा में रहा रात भर
मेरे बिस्तर पर भी कोई परी बैठी रही रात भर...

#रोमिल

Wednesday, December 29, 2010

सुनो... सनम...

सुनो... सनम...

अगर दर्द-ए-दिल बढ़ाना हैं तुमको
सनम, कभी हमको भीड़ में पुकार लेना...
*
जो रहना चाहती हो रात भर दूर नींद से
सनम, एक बार हमसे नज़रे मिला लेना...
*
अगर लगाना चाहती हो पाक-ए-रूह में आग
सनम, दो क़दम बढ़कर हमको गले लगा लेना...
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जो रहना चाहती हो उम्र भर नाशे के खुमार में
सनम, अपने होंठ को मेरे होंठ से लगा लेना...

#रोमिल

Bas Aise Hi...

भगवान भी गोरे-काले में फर्क करते हैं...
सुना हैं...
काले कुत्ते को रोटी खिलाओ तो जल्दी सुनते हैं...
*
धार्मिक किताबों के पन्ने पलटते रहे
मगर कहीं यह न मिला
इसे बिस्तर पर बैठकर पढ़ने से ज्ञान नहीं मिलता...
*
मैंने कभी किसी जानवर को धर्म पर चलते नहीं देखा
न जाने क्यों इनको 
इंसान धर्म में बांट देता हैं...
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कहीं मूर्ति के लिए विशाल मंदिर बनवाया जाता हैं
कही कोई मूर्ति को पेड़ के नीचे अपमानित होने को छोड़ आता हैं...

#रोमिल

Tuesday, December 28, 2010

सनम, हम तो आज भी सिर्फ तुमसे मोहब्बत करते हैं...

तुमसे ज्यादा हम गिला अपने नसीब से करते हैं
बेवफा हुई तो क्या हुआ
सनम, हम तो आज भी सिर्फ तुमसे मोहब्बत करते हैं...
*
ज़िन्दगी-ए-सफ़र मुश्किल हैं 
फिर भी जी रहे हैं तेरी याद में
तेरी याद में सफ़र हम करते हैं
सनम, हम तो आज भी सिर्फ तुमसे मोहब्बत करते हैं...
*
यही दिल-ए-बर्बाद की उम्मीद थी
कि तेरा दीदार हो जाये
इसी ख्याल-ए-सफ़र में हम चाँद को निहारा करते हैं
सनम, हम तो आज भी सिर्फ तुमसे मोहब्बत करते हैं...
*
लौट आओगे किसी दिन तुम भी मेरे पास
इसी ख़यालात में हम घर के दरवाज़े खुले रखते हैं
सनम, हम तो आज भी सिर्फ तुमसे मोहब्बत करते हैं...

#रोमिल

Monday, December 27, 2010

लुफ्त भी क्या सर्दियों के हुआ करते थे - III

लुफ्त भी क्या सर्दियों के हुआ करते थे - III
*
लुफ्त भी क्या सर्दियों के हुआ करते थे
जलती हुई आग में हम आलू भुना करते थे
गरम-गरम रसगुल्ला जब हम जुबान में रखकर सु-सु करके चिल्लाते थे
जब नया स्वेटर पहनकर हम इतराते थे
क्लास से निकलकर हम बाहर ग्राउंड में बैठकर पढ़ा करते थे...
लुफ्त भी क्या सर्दियों के हुआ करते थे...

#रोमिल

Saturday, December 18, 2010

KUCH DIL SE...

Tum jaise logon ne isse KHEL bana rakha hai 
rooh ke rishte ko JISM ka libhas pehna rakha hai 
HAAR-JEET ki baatein woh log karte hai, 
jinhone MOHABBAT KO VYAPAR bana rakha hai... 

तुम जैसे लोगों ने इसे खेल बना रखा है 
रूह के रिश्ते को ज़िस्म का लिबास बना रखा है 
हार-जीत की बातें वो लोग करते हैं, 
जिन्होंने मोहब्बत को व्यापार बना रखा है...
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Chalo saath mein sulagte hai 
ek hi lau mein jal kar marte hai 
apne khilaf to faisala sab sunate hai 
kuch faisale humtum mil kar karte hai...

चलो साथ में सुलगते हैं 
एक ही लौ में जलकर मरते हैं 
अपने खिलाफ तो फैसला सब सुनाते हैं 
कुछ फैसला हमतुम मिलकर करते हैं...
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Tera khawabon mein aane wala bhi kitna haseen hoga
Yahaan to log nazaron ke samne rahe 
Tab bhi dil mein nahi utar pate...

तेरे ख्वाबों में आने वाला भी कितना हसीन होगा 
यहां तो लोग नजरों के सामने रहे 
तब भी दिल में नहीं उतर पाते...
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Mere aansoo ki kahani samajh lete ho tum, 
Mere lab mein chupe shabd pad lete ho tum, 
Magar thode nadan ho tum 
Mere dil mein likha apna naam nahi pad sakte ho tum...

मेरे आंसू की कहानी समझ लेते हो तुम 
मेरे लब में छुपे शब्द पढ़ लेते हो तुम 
मगर थोड़े नादान हो तुम 
मेरे दिल में लिखा अपना नाम नहीं पढ़ सकते हो तुम... 

#Romil
#रोमिल