Monday, February 28, 2011

किताबों का अपना एक समुन्दर होता था...

किताबों का अपना एक समुन्दर होता था
खोये रहते थे उसमे
जब ना कोई संग होता था...

मिलते थे गुलाब सूखे हुए
मोर पंख से सजा पन्ना होता था...

किताबें बदलने के बहाने
उनके मखमली हाथों का छुना होता था...

छुप-छुपा के 
सबसे नज़ारे चुरा के
किताबों में छुपा के 
मोहब्बत के पैगाम देना होता था...

किताबों का अपना एक समुन्दर होता था....

#रोमिल

तेज़ हवा से रिश्ता निभाते चलो

तेज़ हवा से रिश्ता निभाते चलो
तुम चिराग को बचाते चलो

नदियाँ ही मिलती है सागर से
तुम आकार अपना बढ़ाते चलो

आज़ादी की हमेशा रखो आरज़ू
पिंजरे को भी पंख लगाते चलो

मैं मर जाऊँ तो मेरी खबर मत बनाना रोमिल
तुम किताबों में मेरी मोहब्बत-ए-कहानी लिखते चलो

तेज़ हवा से रिश्ता निभाते चलो
तुम चिराग को बचाते चलो...

#रोमिल

Sunday, February 27, 2011

कैसे दोस्ती... कैसे दुश्मनी...

कैसे दोस्ती... कैसे दुश्मनी रोमिल
अब तो मज़ाक भी नहीं कर पाते उसके रूठने के बाद...

#रोमिल

Saturday, February 26, 2011

कसूर

हाथ ज़ख्मी है तो अपना भी कुछ कसूर है रोमिल
हमने काँटों के बीच से गुलाब को जो निकालना चाहा...

#रोमिल

तो वफ़ा भी छोड़ दो...

अक्सर लोग हमसे कहते है रोमिल
जब मोहब्बत छोड़ दी उससे 
तो वफ़ा भी छोड़ दो...

#रोमिल

Friday, February 25, 2011

उदासी का तबस्सु

रोमिल उदासी का तबस्सुम कुछ इस तरह हटा लेते है
राह चलते हुए किसी पर भी मुस्कुरा लेते है

गुस्से पर भी प्यार किया करो 
यह किसी ने सीखाया था तुमको रोमिल
बस इसी अंदाज़ में उसकी यादों में दुबकी लगा लेते है...

मुस्कुराता हुआ ही वो अच्छा लगता है रोमिल 
इसलिए हम खुद को जोकर बना लेते है...

जिनके चेहरे पर नकाब हुआ करते है रोमिल
वही शायद ज़िन्दगी को पहचान लेते है...

#रोमिल

Thursday, February 24, 2011

हुनर, उम्र को भी मात दे देता है...

छोटी सी उम्र में बहुत दुःख सह लिए तुमने रोमिल
लोग सच कहते है... हुनर, उम्र को भी मात दे देता है...

#रोमिल