Tuesday, April 26, 2011

हर मंज़र मुझको याद हैं...

याद हैं ...मिट्टी के वो छोटे-छोटे घर बनाना 
गीले-गीले हाथों को तेरे दुपट्टे से पोछना
पानी की बूंदों से एक दूसरे को नहलाना
तितलियों के पीछे भागते हुए जाना...
कितने दिन बीत चुके हैं
लेकिन फिर भी हर मंज़र मुझको याद हैं...
***

याद हैं... स्केच पेन से तेरे माथे पर बिंदी बनाना
अपनी हथेली पर तेरा नाम लिखना
तेरे हाथों की कटोरी में पानी पीना
पैरों के निशां पर तेरे चलते जाना...
कितने दिन बीत चुके हैं
लेकिन फिर भी हर मंज़र मुझको याद हैं...
***

याद हैं... अपने चहरे को तेरे दुपट्टे से धक कर
नीम के पेड़ के नीचे सो जाना
तेरे स्कूल बैग का तकिया बनाना
नीम की टहनी से तेरा, मेरे कानो को गुदगुदाना...
कितने दिन बीत चुके हैं
लेकिन फिर भी हर मंज़र मुझको याद हैं...
हर मंज़र मुझको याद हैं...

#रोमिल

Monday, April 25, 2011

सिक्के के तरह ना उछाला करो

रोमिल, सिक्के के तरह ना उछाला करो,
यह मेरे ज़िन्दगी है,
ग़म और ख़ुशी का खेल नहीं!

#रोमिल

Sunday, April 24, 2011

तुझसे मुलाक़ात फिर होगी

तुझसे मुलाक़ात फिर होगी
यह उम्मीद ही काफी हैं मेरे जीने के लिए...
~*~
तेरी तस्वीर न हो मेरे पास
तेरा नाम की काफी हैं, तेरी बंदगी के लिए...
~*~
तुझे न हो मेरी बातों से लगन-लगी
मैं तुझसे करता हूँ बातें अपनी ख़ुशी के लिए...
~*~
न हो जन्नत में जगह मेरे लिए
मैं सदियों तक करता रहूँगा तेरा इंतज़ार अपने लिए...

#रोमिल

Saturday, April 23, 2011

बहुत छोटी सी बात हैं दोस्त के एहसानों के सामने...

एक टूटा हुआ घर हैं दुनिया मेरे सामने 
रब भी कुछ नहीं हैं मेरी दोस्ती के सामने...
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कहने को तो सबने चहरे पर चहरे लगा रखे हैं 
मगर सारे नकाब उतर जाते हैं मेरे सामने...
***
कौन खरीद सकता हैं मुझसे मेरी दोस्ती 
यह दौलत भी मिट्टी हैं मेरे सामने...
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चाहत तो इतनी हैं आसमान में दोस्त का नाम लिख दूं रोमिल  
मगर कुछ नहीं कर पाया अपनी मजबूरियों के सामने...
***
ऐसी सौ ज़िन्दगी लूटा सकता हूँ दोस्त के लिए रोमिल  
बहुत छोटी सी बात हैं दोस्त के एहसानों के सामने...

#रोमिल

Friday, April 22, 2011

ज़िन्दगी

यह ज़िन्दगी भी ताश के पत्तों की तरह होती हैं रोमिल 
किसी को बादशाह तो किसी को गुलाम बना देते हैं...

#रोमिल

Thursday, April 21, 2011

रेत में फूल खिल

रेत में फूल खिल गए,
उसकी याद आई और रोमिल होंठ तुम्हारे खिल गए!

#रोमिल

Wednesday, April 20, 2011

रब...

रब मेरे ख़्वाबों की दुनिया 
तेरी हकीक़त की दुनिया से कही अच्छी हैं...
*
रब मेरी रब-ए-महबूब 
तेरे मिट्टी के भगवानो से कही अच्छी हैं...
*
रब क्या सिखाएगी तेरी किताबें मुझे ज़िन्दगी जीना 
मेरे रब-ए-महबूब की हिदायत तेरी किताबों से कही अच्छी हैं...

#रोमिल