Friday, July 29, 2011

चादर पर तारे सजाये बैठा था

चादर पर तारे सजाये बैठा था
वो रात भर चाँद के इंतज़ार में बैठा था...

इंतज़ार था उसे अपने दिल की दुल्हन का
वो रात को डोली की तरह सजाये बैठा था... 

जुबान में लफ्ज़ अटके हुए थे
वो कागज़ पर जज़्बात लिखे बैठा था...

जाने कब बज उठे किवाड़ की सिटकनी 
वो किवाड़ पर नज़रे गड़ाये बैठा था...

जाने क्या सोचकर वो नहीं आई
सहमा - सहमा सा
डरा - डरा सा
वो आज भी बिस्तर पर रूह से रूह का एहसास लिए बैठा था...

रोज़ सुबह निकली 
मगर आँखें नहीं सोई रोमिल
न अँधेरा,
न उजाला, 
वो दिन को रात
और रात को दिन किए बैठा था...

चादर पर तारे सजाये बैठा था...

#रोमिल

Wednesday, July 27, 2011

बड़ी छोटी सी चीज़ मैंने संभाल कर रखी है...

बड़ी छोटी सी चीज़ मैंने संभाल कर रखी है
कभी गुलदान के सूखे गुलाब में
तो कभी पीपल के सूखे पत्ते पर लिखकर किताबों में छुपा रखी है.
बड़ी छोटी सी चीज़ मैंने संभाल कर रखी है...

कभी दीवारों में लिखे तेरे नाम में
तो कभी दराज़ में रखी तेरी तस्वीर पे लिख रखी है...
बड़ी छोटी सी चीज़ मैंने संभाल कर रखी है...

कभी तकिये के नीचे 
तो कभी अलमारी में किसी पुराने रुमाल में लपेट रखी है...  
बड़ी छोटी सी चीज़ मैंने संभाल कर रखी है...

रोमिल, अपने ख़्वाबों की जंज़ीर मैंने संभाल कर रखी है...
अपने तमन्नाओं की उड़ान लपेट रखी है...
बड़ी छोटी सी चीज़ मैंने संभाल कर रखी है...

#रोमिल

Monday, July 25, 2011

चलो आदत बदल लेते है

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
चलो आदत बदल लेते है
कुछ हम बदलते है
कुछ तुम बदल जाओ

नए घर को चलो पुरानी चीजों से फिर सजाते है
कच्चे लम्हों को चलो वक़्त की शाख पर पकाते है.

चलो आदत बदल लेते है...

सदियाँ बीत गई बिस्तर पर बैठकर खाना नहीं खाया
तेरे पहलू में लेट कर गाना नहीं गया
दो रूपया का गुलाब...
हाँ...
दो रूपया का गुलाब तेरे बालों में नहीं सजाया
चलो बीते हुए मोड़ से ज़िन्दगी फिर सजाते है.
नए घर को चलो पुरानी चीजों से फिर सजाते है
कच्चे लम्हों को चलो वक़्त की शाख पर पकाते है.

चलो आदत बदल लेते है...

बात-बात पर तुम मुझे समझाना छोड़ दो
बारिश में भीगने दो मुझे
तुम डाटना छोड़ दो
थोडा बुद्धू हूँ मैं
यह बात समझ लो - 2
मासूम सी हरकतें करने दो
चलो उसी मासूमियत में खो जाते है.

चलो आदत बदल लेते है रोमिल
कुछ हम बदलते है
कुछ तुम बदल जाओ...
(⁀‵⁀) .
.`⋎´

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[भालू]▬▬▬

Sunday, July 24, 2011

खो गई...

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
आवाज़ के बाज़ार में ख़ामोशी खो गई
इंतज़ार में उसके यह जवानी कही खो गई...

दिल में अब किसी का दर्द नहीं रखा है
फिर भी ना जाने
होंठों से मुस्कान कहाँ खो गई...

यह आदत भी जीने की अजीब पाल रखी है
सांसें चल रही है
मगर यह लगता है सांसें कही खो गई...

बड़ी बेचैन रहती है यह किताबें
जैसे इनकी एहमियत ही कही खो गई...

और रात भर वो यही कहता रहता है रोमिल
उसके जाने के बाद न जाने यह नींद कहाँ खो गई...

(⁀‵⁀) .
.`⋎´

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬

Saturday, July 23, 2011

नींद की तलब

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
नींद की तलब आँखों को नहीं रही रोमिल
बस एक ख़्वाब उसका आँखों को सुकून देता है...
(⁀‵⁀) .
.`⋎´

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬

Friday, July 22, 2011

कुछ ख़्वाब से जमें है आँखों के आसपास

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
कुछ ख़्वाब से जमें है आँखों के आसपास
जो जागने नहीं देते 
जो सोने भी नहीं देते...

डर लगता है अक्सर खुश्क पत्तों को हवा से
जो चैन से बैठने नहीं देते 
जो चैन से उड़ने भी नहीं देते...

इतनी किताबें पढ़ने के बाद भी रोमिल
कागज़ के पन्ने इंसानियत नहीं देते 
कागज़ के पन्ने किसी को भी रोटी नहीं देते 

नफरतों की यह कैसे तूफान चल पड़े है रोमिल
जो मोहब्बत नहीं देते 
जो मोहब्बत करने भी नहीं देते...

(⁀‵⁀) .
.`⋎´

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬

Tuesday, July 19, 2011

SAVARI CHODANE JA RAHA HAI, UPKAR KARNE NAHI JA RAHA HAI...

नाज़ हम आपको एक REAL TIME PASS सुनाते है...

LADKA 2 AUTOWALA  - BHAIYA, RS. 500/- KA TOOTA DE DEJEIYEGA... AAPKA BAHUT UPKAR HOGA...
AUTOWALA TO LADKA - MAIN SAVARI CHODANE JA RAHA HU... KOIYE UPKAR KARNE NAHI JA RAHA HOON... 

हा हा हा... 

ROMIL - SAVARI CHODANE JA RAHA HAI, UPKAR KARNE NAHI JA RAHA HAI...