Thursday, September 29, 2011

अब कोई उससे पूछता नहीं

अब कोई उससे पूछता नहीं
शाम हो गई तू घर जाता क्यों नहीं?

प्यासी ज़मीन कब से कर रही यह आस
ए खुदा तू बरसात लाता क्यों नहीं?

दौलत की वजह से ही बिछड़ गए दोनों
मोहब्बत को अब कोई परखता क्यों नहीं? 

खुदा के घर चले जाने वाला लौटकर आता नहीं    
यह बात उस पागल को रोमिल, कोई समझाता क्यों नहीं?

#रोमिल

कहीं आरक्षण तो कहीं उपवास का खेल है

कहीं आरक्षण तो कहीं उपवास का खेल है
यह इबादत की टोपी नहीं सियासत का खेल है
और कुछ लोग उसे यह ताना मार कर चल दिए रोमिल
तू मुसलxxx नहीं वोट बैंक है...

#रोमिल

Tuesday, September 27, 2011

chaar dino ki zindagi bhi choti nahi hoti...

nigaah milti hai baat nahi hoti
mujhe dekh kar use ghabrahat nahi hoti
sitaron se ghera rehta hai jo, use chakor ki koi ehmiyat nahi hoti
hum usko apni tabiyat ka samaj baithe the Romil
warna chaar dino ki zindagi bhi choti nahi hoti...

#Romil

निगाह मिलती है बात नहीं होती 
मुझे देखकर उसे घबराहट नहीं होती 
सितारो से घिरा रहता है जो, उसे चकोर की कोई अहमियत नहीं होती 
हम उसको अपनी तबीयत का समझ बैठे थे रोमिल 
वरना चार दिनों की जिंदगी भी छोटी नहीं होती...

#रोमिल

ख़्वाबों की भी अजीब कहानी होती है

ख़्वाबों की भी अजीब कहानी होती है
हर एक चीज़ सुहानी होती है


हकीक़त में आज भी रोती है कृष्ण की बासुरी 
राधा जब भी वियोग में होती है 

चाहे जितना भी बदल जाये यह ज़माना
मोहब्बत आज भी मोहब्बत होती है


और जो याद नहीं करते, उनको याद दिलाने से क्या मिलेगा रोमिल 
रब की इबादत माइक, लाउड स्पीकर से नहीं, दिल से होती है...

#रोमिल

Monday, September 26, 2011

उसका हाथ थामने से पहले आँखें जरुर पढ़ लेना

उसका हाथ थामने से पहले आँखें जरुर पढ़ लेना रोमिल
अक्सर मेहंदी किसी और के नाम की होती है
और आँखें किसी और को ढूँढा करती है...

#रोमिल

किताबों में लोग रब को ढूँढ लेते है

सुना है रोमिल, किताबों में लोग रब को ढूँढ लेते है
चलो उसको भी अब हम किताबों में ढूंढे.

#रोमिल

Friday, September 23, 2011

वक़्त के साथ बदला नहीं तहज़ीब-ए-अंदाज़ मेरा

वक़्त के साथ बदला नहीं तहज़ीब-ए-अंदाज़ मेरा
लोग अब भी कहते है, रोमिल, तू भूला नहीं लखनऊ तेरा...

#रोमिल