जब मैं घर की उलझनों में उलझा हुआ हूँ तो
तुम ख़ुशी का पैगाम बनना...
जब मैं धूप से लिपटा हुआ हूँ तो
तुम घनी हुई शाम बनना...
जब मैं ज़िन्दगी की भाग-दौड़ में थका हुआ हूँ तो
तुम मेरा सहारा बनना...
जब मैं अन्धकार में खोया हुआ हूँ तो
तुम मेरा प्रकाश बनना...
जब मैं हालातों के बादलों में छुपा हुआ हूँ तो
तुम मैं बनना...
#रोमिल
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