Wednesday, February 15, 2012

माँ तू जहाँ भी रहे, बस मुस्कुराती रहे

माँ तू जहाँ भी रहे
बस मुस्कुराती रहे
रोशनी बन कर
आसमान पर छाती रहे
माँ तू जहाँ भी रहे
बस मुस्कुराती रहे.
^*^
तू जहाँ भी रहे
बस मुस्कुराती रहे
चारों तरफ हो बस फ़रिश्ते तेरे
रब की जुबान में हो नाम तेरा
फिजाओं में फैली हो महक तेरी
माँ तू जहाँ भी रहे
बस मुस्कुराती रहे.
^*^
माँ तू जहाँ भी रहे
बस मुस्कुराती रहे.
हर खवाब तेरा पूरा हो
सूरज का तेरे घर सवेरा हो
रब का सर पर तेरे हाथ रहे
माँ तू जहाँ भी रहे
बस मुस्कुराती रहे.

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