तोहफा ऐसा क्यों दूं
की तमाशा बन जाये...
इससे अच्छा है तेरे दर से वापस लौट जाये...
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है तो फूल गुलाब का
अमीरों की महफ़िल में ना इसकी खुशबू खो जाये
इससे अच्छा है तेरे दर से वापस लौट जाये...
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हसरत तो यह थी की तेरा दीदार हो जाये
अगर चाँद थोड़ी देर सितारों से अलग नज़र आये
इंतज़ार में कहीं खड़े-खड़े ना सुबह हो जाये
इससे अच्छा है तेरे दर से वापस लौट जाये...
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रोमिल बुरा ना मान, ज़माना चाहे बुरा कहे
यह गुलाब चलो उसके दर पर रख आये
इससे अच्छा है तेरे दर से वापस लौट जाये...
#रोमिल
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