Wednesday, July 6, 2011

एक शख्स फिर दिल लगाने चला था

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
खतों के टुकडे मिलाने चला था 

एक शख्स फिर दिल लगाने चला था


फिर कर खुदा पर यकीन
वोह मस्जिद की राह पर चला था


इतना अनमोल था कि खरीद न सका कोइए उसे, ज़माने में
वोह आज खुद अपनी बोली लगाने चला था


चलो इस तरह ही जीना सीख लिया उसने रोमिल
किसी की कब्र पर फूल चढाने चला था.


एक शख्स फिर दिल लगाने चला था...
(⁀‵⁀) .
.`⋎´

▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[भालू]▬▬▬

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