Monday, October 31, 2011

हादसा हो जाये अगर

हादसा हो जाये अगर चौराहे पर चार लोग नहीं देखते रोमिल
एक लड़की नचा दो, हज़ारों की भीड़ लग जाती हैं.

#रोमिल

Sunday, October 30, 2011

इस कदर मशरूर हो गए

इस कदर मशरूर हो गए 
खुद में ही तन्हा हो गए
आइना ने जब पूछा मेरा चेहरा देखकर रोमिल
मुस्कान के वो फूल कहाँ खो गए
कहाँ खो गई वो माथे की चमक
कहाँ बालों के भवर खो गए..
खुद से ऐसे रूबरू हुए कि तन्हा हो गए...

#रोमिल

Samudra manthan

Romil, Samudra manthan mein amrit tak mila magar mila na maa ka pyar 
Isliye Sri Vishnu Ji ne is dharti par bal roop mein janam liya baar-baar.

#Romil

रोमिल, समुद्र मंथन में अमृत तक मिला 
मगर मिला ना मां का प्यार 
इसलिए श्री विष्णु जी ने इस धरती पर बाल रूप में जन्म लिया बार-बार.

#रोमिल

Saturday, October 29, 2011

लौं

भुझा दी मैंने दिल में जलती हुई मोहब्बत की लौं रोमिल...
कहीं जलकर ख़ाक न हो जाऊँ...

#रोमिल

Friday, October 28, 2011

उससे दूरियों की वजह से

उससे दूरियों की वजह से मैं खुद में खोता चला गया... मन से विवश होकर जब भी मैं उसे ईमेल करता था, इंग्लिश भाषा में उसका जवाब और बिना प्यार के शब्द लिखे ख़त समाप्त कर देना यह बात उजागर कर देता था कि हमारे बीच फ़ासला कितना बढ़ गया है... मैं ईमेल बंद कर देता था और फिर खुद में खो जाता था और ज्यादा देर रात तक काम करता था...

Tuesday, October 25, 2011

शख्स

जो शख्स मेरे नाम की एहमियत न समझ सका रोमिल
मैं उस शख्स को अपनी ज़िन्दगी-ए-दास्ताँ क्या सुनाता...

#रोमिल

Tuesday, October 18, 2011

na kabhi apne dil ko padha

Meer ko padha
kabhi Ghalib ko padha
tumne kitabon mein Faiz ko padha
kaisi nadaan thi tum
na kabhi apne dil ko padha
na kabhi Romil ki aankhon ko padha...

Monday, October 17, 2011

धुन

तुमको इसी दुनिया में पाने की धुन न होती हमको तो रोमिल 
खुदा से कबके हम अपने लिए मौत मांग चुके होते...

#रोमिल

Saturday, October 15, 2011

रातें... कितनी अजीब होती है न...

रातें... कितनी अजीब होती है ना...

कभी - कभी मन चाहता है कि यह रात बीतें ही नहीं
और कभी - कभी मन चाहता है कि यह रात बस बीत जाये...

कभी - कभी तो यह चाँद जाने का नाम ही नहीं लेता...
और कभी - कभी मन करता है की आज चाँद कहीं नहीं जाये... बस उसको देखा करूं... अगर बादलों में कही छुपा हो तो जल्दी से बाहर आ जाये... 

कभी - कभी रात कितनी डरावनी लगती है
और कभी - कभी यह रात कितनी सुहावनी, चांदनी लगती है...  

कभी - कभी ज़िन्दगी में यह दोस्त बनकर आती है... खुशियाँ लाती है... ख़ुशी के सन्देश, पैगाम लाती है... 
और कभी - कभी यह रात दुश्मन बन जाती है... रातभर सताती है... आँखों में आंसू लाती है... 

रोमिल... यह रातें भी कितनी अजीब होती है ना...

#रोमिल

खुदा जाने वो कैसा पल होगा

खुदा जाने वोह कैसा पल होगा
जब चाँद, चाँद के सामने होगा
सादगी, वफ़ा, मोहब्बत से लिपटा हुआ होगा रोमिल
जो देखेगा वो हैरान होगा
जब चाँद, चाँद के सामने होगा...

#रोमिल

Friday, October 14, 2011

रब की मेहर है

रब की मेहर है, जिसे नसीब हो जाये रोमिल
चाँद खुद तेरा छलनी से दीदार करे...

#रोमिल

Thursday, October 13, 2011

यह सोचकर...

यह सोचकर मैंने रख लिया करवाचौथ का व्रत रोमिल
जन्नत में उसको अर्श मिले...

#रोमिल

Tuesday, October 11, 2011

आइना में देखूं तो चेहरा निखर जाता है

आइना में देखूं तो चेहरा निखर जाता है  
दिल पे कोई नया ज़ख्म जब लग जाता है...

और 

वो देखो आजकल कितने सजने सँवरने लगे है
कोई अजनबी रात में घर आता है
दरवाज़ा बंद हो जाता है
सुबह सूरज की पहली किरण के साथ कोई निकल जाता है.
रोमिल, हमारे लखनऊ में आज भी इश्क चुप-चुप के होता है...

ख़ुदा जाने...

#रोमिल

Sunday, October 9, 2011

चुप रहने दो...

दिल को दिल से बात करने दो
बहुत गिले-शिकवे कह लिए अब तो चुप रहने दो...

सुना है आँखें पढ़ते - पढ़ते पढ़ लेते हो हाल-ए-दिल
यह बात हमको भी तो आज परखने दो...

सांसों को कुछ देर रोकने दो   
सांसों को कुछ देर रोकने दो रोमिल  
मेरे मरने का तुम पर क्या असर होगा
यह बात मुझे समझ लेने दो...

अब बस चुप रहने दो...

#रोमिल

Saturday, October 8, 2011

बचपन में ही

बचपन में ही सर से माँ - बाप का साया उठ गया
जिंदा ही अपना जनाज़ा उठ गया
मजबूरियों ने इस क़दर क़ैद करके रखा रोमिल 
ख्वाहिशों का समुन्दर बह गया...

#रोमिल

Friday, October 7, 2011

हम लोग छाँव-ए-शहर कहलाते है...

नफरतों की धूप मेरे घर में खिली रहती है रोमिल
हम लोग छाँव-ए-शहर कहलाते है...

#रोमिल

Thursday, October 6, 2011

दीदार

यह जन्नत मिले उनको रोमिल
जिनको इसकी तलब है
हमे तो बस दीदार-ए-यार चाहिए...

#रोमिल

hairaan

hairaan hoon yeh dekh kar romil
jo log insaan na ban sake woh khuda ho gaye...

#Romil

हैरान हूँ यह देखकर रोमिल
जो लोग इंसान ना बन सके वो ख़ुदा हो गये...

#रोमिल

Wednesday, October 5, 2011

parvana jo bhi banega use to jalna hai

yeh mohabbat ka usul hai ya qeemat hai
parvana jo bhi banega use to jalna hai...

#Romil

यह मुहब्बत का उसूल है या कीमत है...
परवाना जो भी बनेगा उसे तो जलना है...

#रोमिल

Tuesday, October 4, 2011

तारीख की किताब हमेशा गवां रहेगी

तारीख की किताब हमेशा गवां रहेगी
हमने भी किसी के वास्ते ज़िन्दगी लुटाई थी...
किसी के वादे पर किया था ऐतबार
मोहब्बत की कीमत चुकाई थी...

शाल लपेटकर सर्दियों में
गली-कुचे की दीवारों को अपनी कहानी सुनाई थी...
अपनी चाहत भी अजीब चाहत थी रोमिल
अनदेखे ही मोहब्बत रचाई थी...

#रोमिल

सफ़र के नशे में ऐसा खोये हो

रोमिल, सफ़र के नशे में ऐसा खोये हो
अपने घर को ही भूल गए हो...
न जाने किसकी तलाश में रहते हो
हो मोहब्बत में
मोहब्बत को ही भूल गए हो!

#रोमिल

Monday, October 3, 2011

मुलाकातें

बताकर मुलाकातें करो तो दिलचस्पी नहीं रहती रोमिल
इत्तेफाकन वो मिल जाये तो खुदा का शुक्रगुज़ार हो जाता हूँ...

#रोमिल

जो लोग मोहब्बत में खोये - खोये रहते है

जो लोग मोहब्बत में खोये - खोये रहते है
अक्सर उनके नाम लोगों की जुबानो में रहते है...

समुन्दर को पीकर भी जिसकी प्यास भुझती नहीं रोमिल
अक्सर वो लोग कतरा-कतरा पीते है...

#रोमिल