Sunday, October 31, 2010

बदनाम बड़ा हो गया

बदनाम बड़ा हो गया
जब से तेरी नज़र में आया मेरा नाम बड़ा हो गया...

जवाब तो सब तूने ही दिए
मैं तो सिर्फ दुनिया के लिए सवाल हो गया...

इल्जाम क्या हैं यह भी न जाना तमाम उम्र
मुजरिम मैं सरेआम हो गया...

मेरी नजर में जो बन ना सका इंसान
सुना हैं वो दुनिया के लिए मिसाल हो गया...

मेरी खुशियों को बर्बाद करके मनाता रहा जश्न
वो इंसान महफ़िलो की शान हो गया...

बदनाम बड़ा हो गया
जबसे तेरी नज़र में आया मेरा नाम बड़ा हो गया...

#रोमिल

Saturday, October 30, 2010

किसी ने तेरे शहर का ज़िक्र किया तो मुहब्बत के ज़माने याद आये...

जान... ओ जान...

कुछ भूली बीती बातें
कुछ फ़साने याद आये
किसी ने तेरे शहर का ज़िक्र किया तो मुहब्बत के ज़माने याद आये...
***
वो तड़पना
वो मचलना
वो इंतज़ार के पल याद आये
किसी ने तेरे शहर का ज़िक्र किया तो मुहब्बत के ज़माने याद आये...
***
जली हुई राख में चिंगारी दबी रही
मत कुरेदो ज़माने वालो कहीं आग न लग जाये...
***
किसी ने तेरे शहर का ज़िक्र किया तो मुहब्बत के ज़माने याद आये...
बातों में वो तहज़ीब आज भी याद हैं मुझे
अपना कहकर मेरी तस्वीर को गले लगाना आज भी याद आये
किसी ने तेरे शहर का ज़िक्र किया तो मुहब्बत के ज़माने याद आये...
***
हँस-हँस के बात करना
चुपके से रो लेना
अदाएं तेरी आज भी मेरे दिल पर खंजर चलाये...
किसी ने तेरे शहर का ज़िक्र किया तो मुहब्बत के ज़माने याद आये...

#रोमिल

Friday, October 29, 2010

इंसान खुद को खुदा समझता हैं...

मुहब्बत में खुमार यूं चढ़ता हैं... 
इंसान खुद को खुदा समझता हैं...
मत करो उससे ईमान की बात यारों
जो महबूब के सजदे में सर झुकाए रहता हैं...
मुहब्बत में खुमार यूं चढ़ता हैं...

"लोग न जाने क्या क्या बातें करते हैं
उसके क़दम तो खुद-बा-खुद इबादत के लिए चलते हैं..."

क्या करना उससे शिकवा, क्या बातें यारों
जो ऊपर-ऊपर हँसता हैं, अन्दर-अन्दर रोता हैं... 
साहिल पर रहने वाले आखिर क्या जाने
तूफानों में कौन डूबता हैं, कौन उभरता हैं...

मुहब्बत में खुमार यूं चढ़ता हैं... 
इंसान खुद को खुदा समझता हैं... 

होश में ऐसा आये तोह यह कैसा आये
जो दूसरों का हाल देखकर भी नहीं संभलता हैं...
बेवफाई पर भी दुआ हाथ के लिए उठ जाये
मुहब्बत में खुमार यूं चढ़ता हैं...
इंसान खुद को खुदा समझता हैं... 
इंसान खुद को खुदा समझता हैं...

#रोमिल

Thursday, October 28, 2010

यार ने यार की बात रख ली

यार ने यार की बात रख ली
मेरे हर ग़म ने तेरी खुशिओं की लाज रख ली...
***
यह कैसी उलझन थी की मैं ज़माने से कुछ न कह पाया
मेरी बेबसी ने तेरी आबरू की लाज रख ली...
***
आँखों में कैसा आँसू का समंदर भरा
मेरी चुप्पी ने तेरी मेहंदी की लाज रख ली...
***
कमजोर कहो मुझे या फिर मुझ पर इल्ज़ाम लगाओ
मेरी वफ़ा ने तेरी बेवफाई की लाज रख ली...

#रोमिल

हम तोह मुस्कुरा लेते हैं

हम तोह मुस्कुरा लेते हैं
सीने में गम को छुपा लेते हैं...
यूं दिखता हैं आँखों से यह आसमान
जैसे सवेरे चाँद, सितारों को समां लेते हैं...
*
साहिल जैसी आँखें उसकी हैं
वरना लोग तो समुन्दर आँखों में समां लेते हैं...
कैसे करोगे अपने मोहब्बत-ए-कातिल की पहचान रोमिल  
लोग चहरे नक़ाबो में छुपा लेते हैं...

#रोमिल

Wednesday, October 27, 2010

ऐश तू कर यारा ऐश तू कर

ऐश तू कर यारा ऐश तू कर
दुनिया जाये भट्ठे में ऐश तू कर...
*
ऐश्वर्या का पोस्टर तू बाथरूम में पेस्ट कर
दुनिया जाये भट्ठे में ऐश तू कर...
*
फूटपाथ की कमीज़ पर
pantaloons का स्टिक्कर पेस्ट तू कर
दुनिया जाये भट्ठे में ऐश तू कर...
*
गर्ल फ्रेंड के नोट्स अपने कॉपी में पेस्ट तू कर
दुनिया जाये भट्ठे में ऐश तू कर...
ऐश तू कर यारा ऐश तू कर
*
दूसरे के बायोडाटा पर अपना नाम पेस्ट तू कर
दुनिया जाये भट्ठे में ऐश तू कर...
ऐश तू कर यारा ऐश तू कर
*
अरे मेरे यार
पेस्ट तू कर 
यार पेस्ट तू कर...
दुनिया जाये भट्ठे में पेस्ट तू कर...
ऐश तू कर यारा ऐश तू कर
दुनिया जाये भट्ठे में ऐश तू कर...

#रोमिल

khushk patte ki tarah yaadein uda do

khushk patte ki tarah yaadein uda do
yeh mausam hai hawaon ka mere yaaron...
*
kabhi apne to kabhi paraye the
yeh insaan nahi katputliya hai mere yaaron...
*
hawa ke toofano mein bhi bhuje nahi 
yeh roshani ke diya hai mere yaaron...
*
badi muddaton ke baad unka salaam aaya
yeh unki mohabbat nahi, dil ki bebasi hai mere yaaron...


#Romil

ख़ुश्क पत्ते की तरह यादें उड़ा दो
यह मौसम है हवाओं का मेरे यारों...

कभी अपने तो कभी पराये
यह इंसान नही कठपुतलियां है मेरे यारों...

हवा के तूफानों में भी भुझे नही
यह रोशनी के दीये है मेरे यारों...

बड़ी मुद्दतों के बाद उसका सलाम आया...
यह उनकी मुहब्बत नहीं, दिल की बेबसी है मेरे यारों...

#रोमिल

Tuesday, October 26, 2010

चाँद के साथ जब चाँद नज़र आता है...

मोहब्बत-ए-सफ़र में ऐसा मुकाम आता है
ग़ालिब की ग़ज़ल, मीर का कलाम याद आता है
चाँद के साथ जब चाँद नज़र आता है...
*
आसमान इन्द्रधनुष रंग में रंग जाता है
फूलों पर भी बहारों का मौसम आता है
चाँद के साथ जब चाँद नज़र आता है...
*
कितने अरमान दिल में उठते है
ख़्वाब का एक महल तैयार हो जाता है
चाँद के साथ जब चाँद नज़र आता है...
*
दिल-ए-शायर से मत पूछना दिल पर क्या गुज़रती है रोमिल
जब एक धरती पर तो दूसरा आसमान पर नज़र आता है
चाँद के साथ जब चाँद नज़र आता है...

#रोमिल

तारों को सो जाने दो

तारों को सो जाने दो
चाँद तुझे आज हम छत पर उतर लेंगे...
खवाब कहो या इससे हमारा ख्याल हो
पूरा तो हम इससे करके रहेंगे... 

पूजेंगे उसको अंदाज़ निराला होगा

पूजेंगे उसको अंदाज़ निराला होगा...
एक तरफ महबूब मेरा और दूसरी तरफ खुदा होगा...

#रोमिल

इसलिए तुमको लिख रहा हूँ....

मैं अपने फ़र्ज़, कर्त्तव्य से पीछे नहीं हट सकता गुन... इसलिए तुमको लिख रहा हूँ....
मैं तो पागल हूँ, यह मुझे पता हैं...
जानती हो गुन... ज़िन्दगी बहुत अजीब हैं... सब बदल जाते हैं... वक़्त के साथ सब कुछ बदल रहा हैं... जरुरत बदल जाती हैं... खवाइश बदल जाती हैं... पता नहीं क्यूँ मैं बदल नहीं पाता हूँ??? कभी कभी लगता हैं वाहेगुरु जी ने मुझे बहुत अजीब बनाया हैं...

१००% आज एक बात सच बोलू...
मुझे आज भी यह यकीन नहीं हुआ हैं की तुम इस दुनिया में नहीं हो... मुझे नाज़ का भी नहीं यकीन हैं... लगता हैं तुम दोनों मुझे कही से देख रही हो... सच्ची...
तुम दोनों का इतेफाक कितना अच्छा हैं न मैं रुक्सती के दिन तुमसे मिल सका न मैं नाज़ से मिल सका था...

मुझे नहीं पता यह मोहब्बत हैं या मेरे दिमाग का खलल... मगर यह सच हैं तुम्हारी याद मेरी आँखों में आंसू ले आती हैं... तुम्हारे बिना मेरी ज़िन्दगी में कुछ कमी सी लगाती हैं... ऐसा लगता हैं जैसे मेरे जिस्म से कुछ निकल सा गया हैं....
मैं बार बार सोचता हूँ क्या कमी हैं... मगर खुद को बतला नहीं पाता हूँ...

वैसे तो मूवी देखता हूँ... जोक करता रहता हूँ... ऑफिस आता हूँ... टीवी भी देखता हूँ... किताबे पड़ता हूँ... दिन भर व्यस्था भी रहता हूँ.. मगर फिर भी एक कमी सी लगती हैं... यह कमी क्या हैं मैं नहीं समझ पता हूँ???

चलो छोड़ो बाबा... 

वैसे हमेशा खुश रहो... वाहेगुरु मैहर करे आप पर...  

Monday, October 25, 2010

भूलता लाख हूँ मगर याद आ जाता है...

भूलता लाख हूँ मगर याद आ जाता है...
तमाशा बनाकर छोड़ गया कोई...
*
न कोई दुश्मनी थी, न कोई रंजिश थी
फिर भी इन्तेकाम ले गया कोई...
*
सपना तो बहुत हसीं था मोहब्बत-ए-जहां का
हकीक़त खुली तो ज़मीन पर गिरा मिला कोई..
*
रहा करता है याद-ए-जहां में सुल्तान की तरह
मगर असल ज़िन्दगी में कलंदर है कोई...

#रोमिल

कहते हो अगर पागल मुझे

कहते हो अगर पागल मुझे
एक पत्थर तो उठाकर यारों मारो मुझे...
*
हूँ अगर नज़र में तेरे मुजरिम
शूली पर चढ़ा दो मुझे...
*
जो तुम कहते हो तेरी मोहब्बत-ए-कश्ती मेरी वजह से डूबी 
तूफानों में बहा दो मुझे...
*
हो अगर मुमकिन तो खता मेरी जरुर बता देना...
वरना दिल की तमन्ना हो जो तेरी बे-खता ही सजा-ए-मौत सुना दो मुझे...

#रोमिल

Sunday, October 24, 2010

मोहब्बत-ए-बस्ती कोई जला कर चल दिया

मेरी मोहब्बत-ए-बस्ती कोई जलाकर चल दिया
छोटी सी चिंगारी को हवा दिखाकर चल दिया..
छोटी सी खता क्या हुई हमसे
कोई बेवफा का इल्ज़ाम लगाकर चल दिया...

#रोमिल

बड़ी मुद्दत के बाद उनसे सलाम लिया

बड़ी मुद्दत के बाद उनसे सलाम लिया
न चाहते हुए दिल ने उनका पैगाम लिया...
*
हर एक ख़ुशी गम के दामन के साथ बंधी रही
मेरी खुशियों ने इस तरह मुझसे इन्तेकाम लिया...
*
नसीब को कोसे या फिर अपनों को दे इल्ज़ाम 
लाख रंजिश रही फिर भी दुश्मनों का साथ लिया...
*
खुदा से अब बात करने को जी नहीं चाहता हैं
मेरी बर्बादी की हर दुआ को काबुल कर लिया...

#रोमिल

Saturday, October 23, 2010

राज हैं वो फिर भी कोई राज नहीं...

रब ने भी बहुत अजीब बनाया हैं उसको
राज हैं वो
फिर भी कोई राज नहीं...

#रोमिल

बड़े ही नादान हैं मेरे शहर के लोग

बड़े ही नादान हैं मेरे शहर के लोग
मज़ाक जो कर लिया तो भी बुरा मानते हैं...
*
वैसे तो मांगने से कभी कतराते नहीं
मगर जब देने की बात हैं तो भी बुरा मानते हैं...
*
हर चहरे के पीछे एक चेहरा छुपा हुआ हैं
नाक़ाब जब हम उतारे तो भी बुरा मानते हैं...
*
मैंने सुना हैं अपने शहर वालो को अँधेरा पसंद नहीं
मगर जब रोशनी का दीपक जलाओ तो भी बुरा मानते हैं... 

#रोमिल

Friday, October 22, 2010

चलो कुछ स्थिति सुनाता हूँ...


क़दम क़दम पर वो आँखें बिछाए खड़े थे
अपने यार के इंतज़ार में वो बाहें फैलाये खड़े थे...
-----------------------

कभी नूर - ए - चेहरे को दिखाना  
कभी दुपट्टे से चेहरे को बांधना    
कभी चोरी की निगाह से हमको देखना
माशाल्लाह
कितनी अदाएं लपेटे हुए थे...
---------------------

वो झुकती नज़रों से किताब को पढ़ना
तेज़ हवा में पन्नो का फड-फड़ाना 
वो चश्मे का बस के फ्लोर पर गिरना
उसकी जुबान से रब का नाम निकलना
बहुत खूबसूरत पल थे वो...
बहुत खूबसूरत पल थे वो... 

#रोमिल

Thursday, October 21, 2010

APUN TO BANEGA RE ACTOR

MUMMY TEACHER
PAPA DOCTOR
ARE MUMMY TEACHER
HAAN...HAAN... PAPA DOCTOR
MUMMY TEACHER
PAPA DOCTOR - 8
THEDA HAI APNA CHARACTER
APUN TO BANEGA RE ACTOR
*
RAJNI KA STYLE
AMITABH KI VOICE
SHAHRUKH KA LOVE FACTOR
APUN TO BANEGA RE ACTOR
APUN TO BANEGA RE ACTOR
*
KITABON KI BAATEIN BORING SAARI
EQUIPMENTS SE NAHI KARNI MUJHKO YAARI 
BOLLYWOOD KA BHAAYE MUJHE SECTOR
APUN TO BANEGA RE ACTOR
APUN TO BANEGA RE ACTOR...
*
MUMMY TEACHER
PAPA DOCTOR - 2
THEDA HAI APNA CHARACTER
APUN TO BANEGA RE ACTOR
*
COLLEGE HAI YA FASHION SCHOOL KAHI KA
HOSPITAL HAI YA JAIL KAHI KA
CATWALK KARUNGA MAIN TO RAMP PAR
THEDA HAI APNA CHARACTER
APUN TO BANEGA RE ACTOR
APUN TO BANEGA RE ACTOR

#ROMIL

लोग कहते हैं मैं...

शहर की चकाचौंध से दूर रहा
लोग कहते हैं मैं गाँव के करीब रहा...
*
न नाम, न दौलत, न शोहरत मिली
लोग कहते हैं मैं ईमानदार रहा...
*
कतरा-कतरा के रहा मैं अजनबियों से
लोग कहते हैं मैं मगरूर रहा... 
*
जो मिलना बंद कर दिया मैंने दोस्तों से
लोग कहते हैं मैं किसी की याद में गिरफ्तार रहा...

#रोमिल

Monday, October 18, 2010

yeh khawaish hai apni...

yeh khawaish hai apni...

taaron ki aankhen lagate hi
chand ko bula le hum apne aangan main...

chup-chup kar kare baatein
ghesu ke sang khele apne aangan main...

woh soye hamari goad main
uske maathe ko chume hum apne aangan main...

ada ke saath karwat lena - 2
chooriyoon, payalon ka bajana
aise hi sangeet main khoye rahe hum raat bhar apne aangam main...

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Saturday, October 16, 2010

ऐसे ही हम दूसरों पर मुस्कुरा लेते हैं...

ऐसे ही हम दूसरों पर मुस्कुरा लेते हैं...
जब ग़म सताते हैं अपने बुरे दिन बहुत याद आते हैं...
*
आइना के सामने जब अपनी पहचान पूछते हैं...
खुद की नज़रों में गिर हम जाते हैं...
*
हम अक्सर उसकी बेवफाई भूल तो जाते हैं...
मगर जब वो याद आते हैं आँखों में आंसू आ जाते हैं...
*
खुद को खिलौना कहे या दिल बहलाने का सामान
उनसे जब यह बात पूछने जाते हैं वो कतरा के निकल जाते हैं...

#रोमिल

हमारी ज़िन्दगी बेमानी हो गई थी...

जिससे मिलकर अपनी ज़िन्दगी सुहानी हो गई थी
उसकी नज़र में हमारी ज़िन्दगी बेमानी हो गई थी...

#रोमिल

Friday, October 15, 2010

मैं वो किताब हूँ जिसमे कोई राज नहीं...

मैं वो किताब हूँ जिसमे कोई राज नहीं...

ज़िन्दगी-ए-उम्र बीत गई एक दिया बनाने में...

दिल-ए-खवाइश थी चाँद बनाने की
मगर ज़िन्दगी-ए-उम्र बीत गई एक दिया बनाने में...

#रोमिल

मेरे सपने मेरी नींदों में उड़े.

चिराग जले और धुंआ उड़े   
मेरी बर्बादी के किस्से कहाँ - कहाँ उड़े.
*
खुदा न जाने कैसा मौसम उमड़ कर आया हैं
इन गर्दिशों में ना जाने कितने झोपड़े उड़े.
*
बस एक कशमकश और मैं बेबस
वो किसी की बाहों में दिखे तो मेरे होश उड़े...
*
टूटा इस तरह मेरा गुरूर  
मेरे सपने मेरी नींदों में उड़े...

#रोमिल

Wednesday, October 13, 2010

रेज़ा - रेज़ा अरमान जलाये अपनों के लिए...

बहुत गम उठाए अपनों के लिए
दुश्मन भी बनाये अपनों के लिए...
*
छोटी सी उम्र में गम-ए-समुन्दर से खेला
तूफानों से भी भिड़ गए अपनों के लिए...
*
ठंडी - ठंडी हवा के झोंके को छोड़कर
शोले पर सोये अपनों के लिए...
*
चार दिवारी में बंद रखी अपनी ख्वाइश
रेज़ा - रेज़ा अरमान जलाये अपनों के लिए...

#रोमिल

Saturday, October 9, 2010

किसी की सच्ची मुहब्बत को ऐसा न ठुकराना चाहिए था...

बेवफा ज़माने से जो की थी वफ़ा
मुझे तो धोखा खाना ही चाहिए था...
उससे यूँ न जाना चाहिए था
मुझे और तरफाना चाहिए था...
*
बहुत हैरत हुए उसका मासूम सा चेहरा देख कर
खुदा तुझे शैतान को इतना मासूम न बनाना चाहिए था...
*
अजब था यह मुहब्बत का सफ़र अपना
बंद कमरों में यूं न आंसू बहाना चाहिए था...
*
ये उसकी हार थी या फिर मेरी जीत दोस्तों
किसी की सच्ची मुहब्बत को ऐसा न ठुकराना चाहिए था... 
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Friday, October 8, 2010

मैं जिस मुहब्बत को तलाशता हूँ

मैं जिस मुहब्बत को तलाशता हूँ
मेरे दोस्तों तुम भी उससे तलाशो
मिल जाएगी वोह कहीं तलाशते-तलाशते ....
*
कोइए फूल होगी वोह
कोइए चाँद होगी वोह
तुम जलाते रहना नैनो के दिए उसे तलाशते-तलाशते .... 
*
हुस्न की रोशनी से न मन को मैला करना  
यह शहर हैं आइनों का
सबकी नज़र से खुद को बचा के रखना उसे तलाशते-तलाशते....
*
हर राह गुलशन होगी तेरी
खुदा भी होगा तेरा निगेबाह उससे तलाशते-तलाशते.... 
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REMIX

NaaZ aapke liye... REMIX... First Time hai NaaZ...
--------------------
~Male~
Aaye Teacher
Please tell me Teacher...
Something about you???
Anything...

~Female~
This is a college
Yahaan par badao Pyar ki Knowledge...

~Male~
What???

~Female~
ABCD chodo
Naina Se Naina Jodo...
Dekho dil na todo
Aayi shaam suhaani
raja jaani...raja jaani...
raja jaani...raja jaani...

~Male~
Aaye Teacher...

Gandhi Jee ke baare main mujhe kuch batao
Indian Freedom Fighters ki kahani mujhe sunao
World War kab hua
First Test Tube Baby kahan hua...

~Female~
Mere padhne main nahi lage dil hooo..
hoooo...
hoooo...
dil pe kya pad gaye mushkil
hoooo...
hoooo...

~Male~
Shut up... Just Shup up...

Exam time hai kareeb
History mujhe lage ajeeb
Geography main samaj na pau
Maths main ulajh jayun...

Help me...
Help me...
Oh My God Help me...

~Female~
One Minute... I am Magic Girl...
Lets seeeee....

Magic Start....

Aao tumhein main pyar seekha doon...

~Male~
Sikhla do na...

~Female~
Prem Nagar ki dagar dikha doon

~Male~
Dikhla do na...

Rewind.... oooooooooo

Aaye Teacher...
Management Funda maine hai pada...
Business development bhi dimaag mein hai bhara...
Finance ki har khabar mujhe hai pata...
Human resource bhi manage kar lete hu bhala...

~Female~
Kitaben bahut si padi hongi tumne
Magar koi chehara bhi tumne pada hai...

~Male~
ohhh my god...

Padha hai meri jaan nazar se padha hai...

~Female~
Bata mere chehre pe kya kya likha hai...

~Male~
Tumhare chehare par...  1234

Maths...
Science...
Geography...
Biology...

Jo mujhe nahi aati...

hehehehehe

~Female~
Back-up...
Close....

Thursday, October 7, 2010

यारों...

मेरा दिल मुहब्बत-ए-समुन्दर हैं यारों
इसमें ज़हर न घोलो यारों...
*
मेरी मुहब्बत बेशकीमती हैं यारों
इसको दौलत के तराजू में न तौलो यारों...
*
जो नज़र मुझसे गुफ्तगू करती हैं यारों
उसे चारदिवारी  में न बंद करो यारों...
*
इस तरह मौज-ए-किश्ती में न फिरो यारों...
डूबते हुए को भी सहारा न दे सको यारों...
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Wednesday, October 6, 2010

तहज़ीब-ए-मोहब्बत

वो भी ज़माने हुआ करते थे...
वो हमसे दूर-दूर रहते थे
मगर नज़रों के करीब रहते थे...
*
अदाएं शान-ओ-शोकत से हमारी उठाते थे
मगर नज़रों से परेशान रहते थे...
*
हम तो कह देते थे हाल-ए-दिल अपनी तन्हाई का
वो नज़रों से गुफ्तगू किया करते थे... 
*
इतनी तहज़ीब-ए-मोहब्बत तो बाकी थी हममें
जब उनको गैर की बाहों में देखते थे
नज़रे झुका लेते थे...

#रोमिल

Tuesday, October 5, 2010

झूम कर दिल बोले मेरा

थोडा सा गुस्सा करता हैं
अपनी ही धुन में फिरता हैं
किताब सर पर रख कर सोता हैं
पीटने के काम करता हैं
पर जब यह मुस्कुराये
सबको यह हसाए
झूम कर दिल बोले मेरा
I LUV U
UUUUUUUUUUUU
RoMiL Tu Tu
UUUUUUUUUUU
I LUV U

#रोमिल

लाल मिर्ची

टपोरी टाइप

लाल मिर्ची
कमाल मिर्ची
देखो रे देखो रे धमाल मिर्ची...
अरे लाल मिर्ची
रे कमाल मिर्ची...
*
सोना रे सोना रे रूप इसका
जुबान हैं रे एक दम तीखी मिर्ची
लाल मिर्ची
कमाल मिर्ची
देखो रे देखो रे धमाल मिर्ची...
*
अपने मोहल्ले में जब से यह आई हैं
कुवारों के दिल में आग लगाई है
अरे चाचा......... कर दे ना जीना मोहाल मिर्ची
लाल मिर्ची
कमाल मिर्ची
देखो रे देखो रे धमाल मिर्ची...
*
इसको जो चखेगा बाबू
सु सु करते मरेगा बाबू
खुदा ने भी बड़ी फुर्सत में आफत बनाई है
लाल मिर्ची
कमाल मिर्ची
देखो रे देखो रे धमाल मिर्ची...
अरे लाल मिर्ची
रे कमाल मिर्ची...

#रोमिल

मैं मगरूर...नशे में चूर... ज़माना क्या कर लेगा मेरा...

मैं मगरूर
नशे में चूर
ज़माना क्या कर लेगा मेरा...
*
एक पैर रक्खूं आसमान में
एक पैर मेरा ज़मीन पर
ज़माना क्या कर लेगा मेरा...
*
सुनु ना मैं किसी की
करू हमेशा अपने दिल की
ज़माना क्या कर लेगा मेरा...
मैं मगरूर
नशे में चूर
ज़माना क्या कर लेगा मेरा...

#रोमिल

Monday, October 4, 2010

KISSE KAHE MOHABBAT KA ANJAAM KYA HUA

KISSE KAHE MOHABBAT KA ANJAAM KYA HUA
DUBE TO TINKE KA SAHARA NA HUA...
AUR WOH MUSKURAKAR CHAL DIYE MERI MAUT PAR
JAAN DAINE KE BAAD BHI USSE MERI MOHABBAT PAR AITBAAR NA HUA...
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अपील

अपील

मेरा नाम रोमिल हैं सिर्फ रोमिल.... और मुझे अच्छा लगेगा, अगर सब मुझे सिर्फ रोमिल ही बुलाये...

आपका

#रोमिल

Sunday, October 3, 2010

आइना हूँ बिखर जाऊँगा पत्थर ना उठाओ यारों

आइना हूँ बिखर जाऊँगा पत्थर ना उठाओ यारों
बड़ी कोशिश से संभला हूँ मुझे ना नज़र से गिराओ यारों...
*
हवा चली और मेरा आशियाना उड़ गया - 2
ज़ख्म भर गया हैं उसे ना कुरेदो यारों....
*
यह किस सोच में दिन भर फिरता हूँ
दिल से तो वो चला गया हैं मगर निशान छोड़ गया यारों...
*
वो साथ था तो ज़माना मेरा दुश्मन था
अब तो दुश्मन भी प्यार से गले मिलता हैं यारों...
*
यह कौन सा दर्द मिला हैं मुझको
जुदा होकर भी मुझसे जुड़ा-जुड़ा लगता हैं यारों...

#रोमिल

Saturday, October 2, 2010

चंद यादों

चंद यादों के सिवा कुछ ना हासिल होगा
इस क़दर साया का पीछा ना किया करो...

#रोमिल

इस कदर मैं बदनाम हो गया...

मोहब्बत में मेरा बहुत नाम हो गया
इस कदर मैं बदनाम हो गया...
लोग रुक - रुक कर पूछते हैं हाल मेरा
ऐसा मैं दिल-ए-बीमार हो गया...
*
साथ रहा मेरे और न समझा दिल की बात
न जाने कैसा फासला-आम हो गया...
मैं सोचा ज़िन्दगी खुश-ए-समुन्दर होगी
हर पल मेरा गमो का गुलदान हो गया...
*
जो मेरी नज़र में इंसान भी न बना दोस्तों
सुना हैं वो किसी का खुदा हो गया...

#रोमिल

Friday, October 1, 2010

दोस्तों मुझे बहाना बनाना नहीं आता

दोस्तों मुझे बहाना बनाना नहीं आता
जुबान देकर मुकर जाना नहीं आता...
*
बुरे दिन हैं, एक दिन ढल जायेंगे
मुझे किस्मत पर रोना-धोना नहीं आता....
*
शहर की अय्याशी मुझे भी बहकाती हैं
मगर मुझे गुनाह करना नहीं आता...
*
जो निगाह में तेरी खतावार हूँ मैं
मुझे सज़ा से डरना नहीं आता...

#रोमिल

BAD-DUA KI MAJBOORI

KHATA KI HAI AGAR ILZAAM TO SUNNA PADEGA
SIYOON NA HONTH TUM BAD-DUA KI MAJBOORI MEIN...


#ROMIL

ख़ता की है अगर इल्ज़ाम तो सुनना पड़ेगा 
सियों ना होंठ तुम बद्दुआ की मजबूरी में...

#रोमिल

APNA MUQADDAR

MOHABBAT-E-HAWA CHALI TO WOH NA MILA...
APNA MUQADDAR BHI AISA THA JISSE DIL MILA WOH HUMKO NA MILA...

#ROMIL

मोहब्बत-ए-हवा चली तो वो ना मिला... 
अपना मुकद्दर भी ऐसा था जिससे दिल मिला वो हमको ना मिला...

#रोमिल